केटेगरी : संस्कृति और शिक्षा

पहलौठी में तो लड़का ही होना चाहिए!

"सुधा, जा कर बुलावा दे आओ।कल कन्या पूजन करना है, ग्यारह कन्याएं  खिलानी है। अड़ोस पड़ोस में सभी घर जाकर कन्या के लिए बुलावा आज ही दे आओ सुबह 9:00 बजे का।" शांति देवी ने अपनी बहू सुधा से कहा"जी...

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डर कर नहीं जीना

बस बहुत हो गयी पढ़ाई-लिखाई, अब समय रहते तू वृंदा के के हाथ पीले कर दे | अब तो मेरी सहेली आगे बढ़कर माँग के रिश्ता ले रही है और फिर ज़माना भी खराब है | इससे पहले कहीं और दिल लगाकर कोई कांड कर बैठी तो बिरादरी में और नाक...

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बच्चों को अनुशासन सिखाएँ, अनुशासन को सजा न बनाएँ

जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन बहुत आवश्यक होता है, ये हम सभी सदा सुनते भी हैं और जानते समझते भी हैं। परन्तु अनुशासन भी एक सीमा के अंदर रहे तभी इसके सम्पूर्ण लाभ उठाए जा सकते हैं।अक्सर कुछ परिवारों में देखा जाता...

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ये रेव पार्टी क्या हैं? जिसके दीवाने आजकल के युवा हैं

बॉलिवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के रेव पार्टी में पकड़े जाने के बाद रेव पार्टियां सुर्खियों में हैं।आखि‍र ये रेव पार्टी क्‍या होती है? इनका इतिहास क्‍या है ?और आखि‍र ऐसी पार्टीज में होता क्‍या है ?आइए जानते...

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आधुनिकता का मापदंड नशा क्यों है?

आज हर न्यूज़ चैनल पर चर्चा का विषय है शाहरुख खान का बेटा आर्यन खान, जो कथित रूप से ड्रग्स लेते पकड़ गया, और कहते...

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एकै साधै, सब सधै - Blog Post By Abha Kodesia

मीना आजकल अपनी बेटी मिनी के व्यवहार पर बहुत हैरान व परेशान थी ।उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे? आज तो मिनी ने हद ही कर दी- जब उसने पलट कर जबाव दिया -"आप चुपती हो क्या ? उसने मिनी से सिर्फ इतना ही तो कहा था- "बस बहुत...

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"पराया न करें बेटी को!"

बेटी दिवस पर हम बड़ी-बड़ी बातें करेंगे, नई-नई कविताएं रची जाएंगी, कुछ चर्चाएं होंगी। और फिर एक साल‌ का सन्नाटा...

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ये प्यारी बेटियाँ-Blog Post By Abha Kodesia

दुनिया ने न समझा मोल पर बेटी तो है अनमोल हौसला उसका मत कुचलो उड़ने दो उसे पंख पसार वह भी ईश्वर की रचना है शक्ति...

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#तेरा वादा #एक फौजी का वादा

तेरे इश्क़ की खुशबू मेरे तन मन में ऐसे समां गयी,जैसे मेरे पतझड़ हुए दिल को बसन्त की बहार मिल गयी।लेकिन कुछ दिनों बाद जब तुमअपना फर्ज निभाने चले गए,मुहब्बत भरे मेरे इस दिल को अपने साथ ले गए।वादा किया...

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विदेशी पढ़ाई और माँ -बाप का अकेलापन

एक दिन मै अपनी सहेली संग शाम को वाक कर रही थी। पास की सोसाइटी के सामने से गुजरी तो चार -पांच बुजुर्ग, खड़े थे, कानों में कुछ वार्तालाप टकराया -सक्सेना जी का बेटा तो, लन्दन से आ गया, पर तीन दिन का शोक मना, आर्य समाज विधि से शांति...

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