केटेगरी : संस्कृति और शिक्षा

बच्चों को कहानी सुनाकर सुलाने के क्या है फायदे ?

बीतते वक्त के साथ हम सभी की जिंदगी भागमभाग वाली जिंदगी बन गई है | टेक्नोलॉजी के आने से पूरी दिनचर्या ही बदल गई है हम सभी दिन भर घर हो या ऑफिस कामों में व्यस्त रहते हैं वहीं बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से मोबाइल हाथ में थमा...

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किशोर अपराध एक चिंता का विषय

"किशोर अपराध एक चिंता का विषय"देश के अहम मुद्दों में एक मुद्दा किशोर अपराध है। किशोरावस्था...

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बड़ा होता बचपन

"चाची! एक बात तो बताइए।"" हाँ!पूछिए श्वेताजी !" प्रिया एक नई नवेली दुल्हन ।सब के साथ बैठी थी। उसके जेठानी की बेटी ने उससे पहली बार बात की और वह भी एक सवाल पूछ डाला सबके सामने। प्रिया को सभी ने कहा था बड़े हो या बच्चे...

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#"खुशियों भरी सुबह फिर मुस्करायेगी"

गली-गली गुंजारेगी फिर शहर में रौनक लौटेगी।बीत जाएगा इक दिन पतझड़ खुशियों की सुबह फिर आएगी।माना कि थोड़ा मुश्किल है समय बहुत ही नाजुक है।परिस्थिति विपरीत है चुनौतियों से भर पूर है।डटकर करेंगें सामना हर...

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बच्चे मन के सच्चे मन में कोई राग द्वेष नहीं होता है।

वीणा एक स्कूल में शिक्षिका थी रोज कम से कम दस किलोमीटर आना जाना अपनी स्कूटी से आती जाती थी एक दिन वीणा ने ध्यान नहीं दिया और उसे जल्दी स्कूल पहुँचना था एन्यूल फंनक्शन था जल्दी जल्दी में...

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आधा अधूरा पैकेट

आरोही अचानक किचन में से अपने कमरे में गई तो वहां का नजारा देख उसके पांव दरवाजे पर धरे के धरे रह गए। वो अपनी सासुमा अरुणा जी को देखकर चौंक गईं, अरुणा जी अपने पोते का खाया हुआ कुरकुरे पैकेट में से लेकर चटखारे लेकर खां रहीं थीं, आरोही...

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बड़ी दादी#बच्चे मन के सच्चे#वीकेंड स्पेशल

बड़ीदादी बड़ीदादी देखो मैं डॉक्टर बन गई"- चार साल की छोटी सी पीहू हाथ के स्टेथोसकोप लिए अपनी परदादी सुधाजी के पास आई।"ये क्या उधम मचा रखी है। दिनभर मस्ती और चीखना चिल्लाना। सिर दुखा देती है सारा दिन। पता नहीं कैसी लड़की जनी...

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मासूम बचपन

कहा जाता है बच्चे मन के सच्चे जो बिल्कुल सार्थक है। हम भी कभी बच्चे थे तो स्वाभाविक है हम भी मन के सच्चे रहे होंगे पर बदलते समय के साथ शादी ,ब्याह , परिवार ,बच्चे और जिम्मेदारी इन सब दुनियादारी के बीच बचपना कहीं खो सा जाता है‌।कभी...

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वो अलग कहाँ हैं #वीकेंड स्पेशल

बच्चों का मन कोरा कागज होता हैं, जिस पर वो जो देखता, सुनता हैं, वो अंकित होता हैं...। रिश्तों को पहचानना,और आदर देना या प्यार करना सब वो अपने बड़ों से ही सीखता हैं.।बात तब की हैं, जब मेरा बेटा छोटा था.। हमारे...

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माँ भैया की शादी मत करवाना #वीकेंडस्पेशल

"रश्मि आज गुड़िया का फोन आया था। बोल रही थी कि वो अपने ससुराल के परिवार से मिलने गाँव जा रही है। बहुत दिनों से हम सभी से नहीं मिली तो एक दिन के लिये अपने घर भी आयेगी! बड़ा मन है उसका अपने भतीजी, भतीजे से मिलने का। बहुत प्यार करती...

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