केटेगरी : परवरिश

एक पाती, बिटिया के नाम

प्यारी लाड़ो,बहुत -बहुत प्यार...हर माँ की तरह मैंने भी ढेरों सपनें बुने थे तुम्हारे लिये लाड़ो, जिसमें...

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#तेरा वादा #एक फौजी का वादा

तेरे इश्क़ की खुशबू मेरे तन मन में ऐसे समां गयी,जैसे मेरे पतझड़ हुए दिल को बसन्त की बहार मिल गयी।लेकिन कुछ दिनों बाद जब तुमअपना फर्ज निभाने चले गए,मुहब्बत भरे मेरे इस दिल को अपने साथ ले गए।वादा किया...

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विदेशी पढ़ाई और माँ -बाप का अकेलापन

एक दिन मै अपनी सहेली संग शाम को वाक कर रही थी। पास की सोसाइटी के सामने से गुजरी तो चार -पांच बुजुर्ग, खड़े थे, कानों में कुछ वार्तालाप टकराया -सक्सेना जी का बेटा तो, लन्दन से आ गया, पर तीन दिन का शोक मना, आर्य समाज विधि से शांति...

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#हिंदी की पुकार #भारत की भाषा हिंदी

सुनो-सुनो ओ हिन्द वालों हिंदी की यही पुकार है,क्यों  धुंधला अस्तित्व है मेरा करती यही सवाल है।भारत के मस्तक पर सजती मैं वो अक्षत, रोली हूँ,भूल गए क्यों तुम सब मुझको मैं हिंदुस्तान की बोली हूँ।जन्म...

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मोबाइल में सिमटता बचपन- Blog post by Sangita Tripathi

एक ज्वेलरी शॉप में, मै साइड के सोफ़े पर बैठी, अपने सामानों के पेमेंट का इंतजार कर रही थी। तभी सामने के सोफ़े पर,...

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मत करो न ये भेदभाव!- Blog post by Maya Shukla

भाषा अपने मन के भावों को प्रकट करने का माध्यम है पर यह एक बहुत बड़ी विडंबना है कि लोग पता नहीं क्यों भाषा के...

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चूरमे के लड्डू

गणपति बाप्पा हमारे घर पधारे हैं और उन्हें तो लड्डू बहुत प्रिय है। आज मैं आप के सामने चूरमे के लड्डू लेकर उपस्थित हुई हूं जो आप सभी को और हमारे गणपति बाप्पा को जरुर पसंद आएंगे।सामग्री:- 500क्ग्...

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पसरा सन्नाटा

कल की घटना के बात माला जी चिंता में रात भर सो नहीं पाई थी। चार बजे जब उनके उठने का समय हुआ तो उनकी आंख लग गई और फिर सुबह देर से ही आंख खुली थी। माला जी की, उठकर "आंगन" में आई.... चारों तरफ़ उदासीनता फैली थी। ना चिड़िया...

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मां का लगाया पेड़

मां के लगाये इस पेड़ के नीचे बड़ा ही सुकून मिलता है।छाया में इसकी मां के आंचल की छांव का एहसास होता है।पूरे घर को छोड़कर हम बहनें इसके नीचे बैठकर पूरी दोपहर निकाल देती हैं।यहां बैठकर मां के प्यार की शीतलता...

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स्वयं से प्रेम

कभी कुछ वक्त तन्हा गुजरा,तो ख्यालों के आंगन में जा पहुंचे ।कभी फुर्सत ना मिली सोचने की,आज खुद को ही सोच डाला।आईना भी कभी ध्यान से ना देखा था,आज तो तरतीब से बैठ के निहारा,सच कह रहे है कि काबिल...

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