केटेगरी : ज्ञानी वाणी

नवयुग का निर्माण करें

"नवयुग का निर्माण करें"बिछड़ रही है सभ्यताएं व्यवहार, वाणी, वर्तन से, दरियादिली तंग हो चली सोच की दिशा बदल गई, कट्टरवाद की शूली चढ़कर धर्म की धुरी अटक गई... हल्की सी बची हंसी से झूठ की परत हटाकर क्यूँ न सत्य...

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तोड़ डाला.... रूढ़िवादी जंजीर

एक डैम प्रोजेक्ट में मेरे बड़े भाई की बेटी, हरिका की नियुक्ति असिस्टेंट इंजीनियर के तौर पर हुई थी। उस डैम प्रोजेक्ट में नियुक्त होने वाली पहली महिला थी।किसी भी काम को करने के लिए हरिका ने अपने लड़की होने का फायदा कभी...

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ज़िम्मेदार नागरिक बनों

सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है जहाँ पर लोग अच्छी बातों को अपनाते कम है, हर घटना का प्रचार करने में माहिर बनते जा रहे है। कुछ वीडियो को देखकर मन में कई सवाल उठते है की क्या हम कायर है, या विडियो बनाने के शौक़ीन...

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आज के साधु या शैतान

साधु-संत या शैतान क्या कहें इन्हेंलघुसिद्धांत शकोमुदी में कहा है *साध्नोती परकार्यमिती साधु:* ( अर्थात जो दूसरों का कार्य करें वह साधु है) जो काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर...

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आख़िर दोषी कौन

भगवा पहन लेने से आप खुद को साधु के तौर पर प्रस्थापित नहीं कर सकते। शुद्ध आचार-विचार से लोक कल्याण के कार्य आपको एक संत का दरज्जा देता है। एक बार संसार को त्याग दिया दिया तो ताउम्र मोह माया का हल्का सा खयाल...

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इश्क नूर-ए-खुदा की नेमत है!

"लगती है जब लगन दिल को एक चेहरे की कहाँ कोई ओर चेहरा भाता है, जवानी से झुर्रियों तक दिल को एक ही सनम सुहाता है"...

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ऑनलाइन वाला इश्क

प्यार, इश्क, मोहब्बत ऐसे स्पंदन है कब, कहाँ, कैसे किसके साथ जुड़ जाए हमें पता ही नहीं चलता। इस एहसास को एक प्यार...

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किस दिशा में जा रही है आज की युवा पीढ़ी?

हिजाब बनाम भगवा स्कार्फ़ किसके दिमाग की उपज है ये तो नहीं पता, पर अगर आज की युवा पीढ़ी ऐसे मामलों में अटकी और उलझी रहेगी तो देश का भविष्य धुँधला समझो। युवाओं की काबिलियत पर देश का भविष्य टिका होता, है देश की रीढ़ होता है युवाधन।...

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प्रेम की पराकाष्ठा

कभी कभी ख्यालो में खोयी हुई मैं सोचती हूँ ,क्या होगी इस प्रेम के महीने में किसी के प्रेम की पराकाष्ठा, शर्तरहित अनअपेक्षित प्रेम , अंतहीन इंतज़ार , फिर मिलन की आस ,हो गर किसी के प्रेम में ये पड़ाव...

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पुरुषार्थ का कोई पर्याय नहीं

कभी-कभी दौड़ती भागती ज़िंदगी से विराम लेकर शांत चित्त से ये सोचना चाहिए कि जो जितना हमने कमाया या जो हमारे पास...

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