केटेगरी : लघु कथा

प्यार हमारा अमर रहेगा! Story By Vidhi Jain

घर के सभी लोगों के समझाने के बावजूद भी वह नहीं समझी यौवनावस्था में हुए प्रेम का भूत सवार उसके ऊपर हो गया था होता...

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वो खूबसूरत सुबह# जनवरी माह की कविता

वो खूबसूरत सुबह आएगी कोरोना जैसी महामारी से मिलेगी मुक्ति गुलजार होगा जीवन खुशियां हर घर में होगी शिविर का होगा नाश किरण की आशा के साथ वो खूबसूरत सुबह आएगी सपने होंगे सच जीवन में आएगी उमंग तरण फूलों के रंग जीवन में सुनोगे खूबसूरत...

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#प्यारा वो बचपन का लम्हा...

#काश वो लम्हा मैं जी पाती....,  काश वो लम्हा मैं जी पाती,  फिर वो बचपन को जी पाती,पिता की उंगली पकड़,  बेफिक्र हो, घूम...

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#सबक

#वो खूबसूरत सुबह..   पूरब की लाली, बिखरती सूर्य रश्मियां,      मंद चलती बयार, हौले से खिलती कलियां,    ...

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नया कंबल #सर्दियों की गरमाहट

'चिराग आ गया बेटा ! जरा मेरी बात तो सुनो' जैसे ही दरवाजे पर खटका हुआ तो अम्माँ ने सिर उठा कर दरवाजे की ओर देखते...

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एक रिश्ता उस मौसम वाला

सर्दियों के मौसम में मेरे मन को आज भी वो किस्सा गर्माहट से भर देता है। एक माँ की अपने नन्हें से बीमार बच्चे के...

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सदा के लिए अंकित हैं,यादों में वो पल: Blog post by Sunita...

"हेलो श्वेता!!! आज हम सभी मेरे घर की छत पर बैठेंगे....क्योंकि आज मैंने कुछ स्पेशल बनाया है...धूप में बैठकर लुत्फ उठाएंगे...मैंने सिमरन को भी फोन कर दिया है...तो अपने फिक्स टाइम पर मिलते है!!!!!ये रीमा थी,जो सखि...

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#वो अलसायी सी,सर्द सुबह

कोहरे की  श्वेत चादर में लिपटी,शबनम की बूंदों से भीगी - ठिठुरती...कुछ अलसायी,कुछ शरमाईं सी...थी वो सर्दी की सुनहरी सुबह!!!जब शाखों पर बर्फ के फूल खिले थे...हड्डियों को भेदती, जड़ीली हवाओं के झोंके भी बहे...

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हाथों से बुना वो टॉप: Blog post by Sunita Tiwari

"मम्मी... जो आपने मेरे लिए दो टॉप बुने थे न....कॉलेज टाइम में...वो हैं क्या अभी भी आपके पास"????ससुराल से आई बेटी ने मुझे ऊनी कपड़ों को धूप में डालते देखा,तो पूछ बैठी।"हां, हैं ना....इतने चाव से,इतने सुंदर...

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उलझें धागे ऊन के और माँ! Blog post by Sangita Tripathi

सर्दियां अपनी चरम सीमा पर है,मैंने बॉक्स खोला, कुछ और गर्म स्वेटर निकालने को, अचानक पीले रंग पर कई रंगों की डिजाइन...

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