केटेगरी : लघु कथा

दो नावों की सवारी: Blog post by Archana Saxena

तलाक के पेपर भिजवाए थे कविता ने, ये पेपर नहीं एक तमाचा था जो किसी शारीरिक मार से भी अधिक जोर से पड़ा था कबीर के...

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अचार की वो बरनी: Blog post by Pooja Arora

सर्दियों का मौसम था जैसे ही माधुरी ने अचार की बरनी को धोकर धूप में डाला तो उसको देखते ही मयंक की आंखों में आंसू...

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अन्नपूर्णा हो तुम! Blog post by Aruna Dora

दिवाकर ने अर्चना से धीरे से खुसपुसाते कहा," आज रात आलू या गोभी के पराठे ,तीखे टमाटर की चटनी के साथ मिल जाते तो क्या कहने"! कहते कहते थूक निगल चुप हो गए।अर्चना ने साहस कर बहू से कहा, "बेटी आज आलू या गोभी के पराठे...

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कंगना खेलाई..अपना बनाई

  प्यारी दुल्हनियाँ रिम्मी,  ढेरों प्यार और आशीर्वाद,कोहबर में, तुम्हारा उदास चेहरा देख, हम सब दुखी थे। मुझे लगा, बुआ होने के नाते, कुछ तुम्हारा डर दूर करना, मेरा भी कर्तव्य है।जानती...

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बधाई पत्र नई पीढ़ी के दूल्हा दुल्हन के नाम: Blog Post By...

प्रिय राहुल एवं गीतिका, शुभ आशीर्वाद,

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खरीददारी पड़ी रिश्तों पर भारी! Blog post by Shilpi Goel

शादी की बात हो और शाॅपिंग की बात ना हो ऐसा कभी हो सकता है भला, नहीं ना, तो चलिए आज शादी की खरीददारी से संबंधित ही एक किस्सा सुनाती हूँ आप सबको।आजकल देखा जाता है कि ज्यादातर ससुराल वाले अपनी होने वाली दुल्हन को...

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रस्मों रिवाज दक्षिण भारत के #वेडिंग सीज़न

प्रिय अमिताभ,जानकर बहुत खुशी हुई कि तुम अपने बचपन के प्यार दक्षिण भारतीय अरुंधति से विवाह करने जा रहे हो। दोनों ही समझदार हो। जीवन की गाड़ी समझदारी से चलाओगे इतना विश्वास है ।क्योंकि तुम एक दक्षिण...

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बेटे की चाह - Blog Post by Aruna Dora

दो दो बेटियां !?बेटे नहीं है? गांव की माधवी काकी ने विन्नी से पूछा।नहीं ।अभी भी समय है ।एक और बच्चा कर लो ।बिना बेटे के वंश आगे कैसे बढ़ेगा ?मुखाग्नि कौन देगा? तुम लोगों को तो मोक्ष की प्राप्ति भी नहीं होगी? बुढ़ापे...

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. होनी अनहोनी- एक आश्चर्य

बात 2019 की है जब दिसंबर में मैं, मेरे पति और हमारे एक मित्र परिवार ,हमारे ही हम उम्र के, एक पिकनिक स्पॉट पर घूमने गए।हम चार ही थे सो, मैंने घर से खाना बनाकर पैक कर लिया था ताकि आराम से थोड़ा घूम फिर सके।पिकनिक मनाने वालों...

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शॉपिग करो पर फिजूलखर्ची नही - Story Written by Himani Bisht

शापिंग एक ऐसा नशा जिसको हर कोई जीना चाहता है फिर चाहे वह सपना हो या हकीकत में ...हंसिएगा मत वास्तव में सही बात है ना?ऐसी ही सुलोचना जो शॉपिंग के नाम पर उछल जाती हैं।कभी पति, कभी बच्चों के लिए ना जाने...

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