केटेगरी : लघु कथा

मोल - Story Written by Priyanka Saxena

"लीजिए मांजी, मैं बाज़ार से ड्राई फ्रूट्स के पैक, बादाम केसरी और मोहन थाल एक-एक किलो मिठाई ले आईं हूॅ॑। आप भाईदूज पर यही लेकर जाना। मामाजी के लिए शर्ट और मामी जी के लिए साड़ी भी माॅल से शाॅपिंग कर‌ लाईं हूॅ॑।" जया ने...

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सच्ची सेवा - Story Written by Ruchi Sri

पूजा सुबह सवेरे घर का काम निबटा कर तैयार होने चली गई। पूजा के सास ससुर उसकी बहुत कद्र करते थे , सो उसे सुबह सुबह इतना परेशान होता देख थोड़े चिंतित थे ।"सुनो कहीं ,समधी समधन की तबियत तो गड़बड़ नही?,कब से बात नही...

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एक सेर तो दूजा सवा सेर -हिन्दी कहानी

बड़े शहरों में रहने वालों को शॉपिंग करना एक नशे की तरह ही होता है । जरूरत हो या ना हो दिख जाए तो कुछ ना कुछ खरीददारी कर ही लेते हैं। हर जरूरत की वस्तुओं को आंखों के सामने इस तरह से दुकानों में सजाकर रखते हैं कि मुआ मन ललचा...

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शॉपिंग की प्रयोरटी बदल गयी - हिन्दी कहानी

"शॉपिंग! सुहानी तुमने फिर शॉपिंग की... हे भगवान! इस लड़की का मैं क्या करूं जब देखो शॉपिंग करती रहती है" कमरे में शॉपिंग बैग के ढेर देख कर कुसुम अपनी बेटी सुहानी पर गुस्सा होने लगी। "ओफ्फो मम्मा, चिल! मेरा मूड आज...

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#जादुई पिटारा,

#थर्सडे पोएट्री चैलेंज#मोबाइल नये युग का नया उपकरण, सबसे ज्यादा लगे प्यारा, पल -पल देखे सब, चैन ना मिले कोई पल, सेल्फी का कमाल है, नहीं जरूरत किसी की, अपने में ही, होशियार है,...

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देर आए दुरुस्त आए- Story Written by Aruna Dora

घर में तीन तीन दामाद आ गए पर पति रमेश की दामाद गिरी नहीं जाती। दामाद की तरह है हर वस्तु का ध्यान रखना पड़ता था। नहीं पूछा तो रमेश भी मांगेंगे नहीं पर मुंह फुला कर बैठे रहेंगे ।सोचना पड़ता था कहां क्या भूल हो गई? जब तक चला सकती...

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उलझने जिंदगी की सुलझ गई - Story Written by Neetu Srivastava...

" अरे मीता तुम रो क्यों रही हो क्या हुआ विशाल ने फिर कुछ कहा क्या?" हेमा ने अपनी छोटी बहन मीता को चुप कराते हुए फोन पर बात करते हुए पूछा।"क्या बताऊं दी विशाल को तो लड़ने का बहाना चाहिए मैं अपने आप को कितना बदलूं लगता है...

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वादा मत भूलना पतिदेव - Story written by Arpana Jaiswal

"अगर तुम्हारा फर्ज है अपने परिवार की देखभाल करना तो मेरा भी फर्ज है अपने परिवार की देखभाल करना। शादी के बाद अगर तुम अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकते तो तुम मुझसे क्यों अपेक्षा कर रहे और मैने शादी से पहले ही तुम्हें...

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ललकार- Story written by Ruchi Singhal

      हर गलती की माफ़ी नहीं होती, कुछ गल्तियां ऐसी होती है, जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता, लेकिन उससे सबक जरूर लिया जा सकता है             ऐसी...

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गलतियों से सीख- कहानीकार संगीता त्रिपाठी

शुभा के सामने पाँच दिन पहले की वो घटना,सजीव हो उठी। मिसेज नीता वर्मा, महिला मण्डल की वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य, सब उनका कितना मान करते थे। पति किसी कंपनी में उच्च पद पर थे। मीटिंग में बैठी थी, उनका मोबाइल बज उठा। बात खत्म करते -करते...

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