केटेगरी : लघु कथा

रिश्तों का बदलता व्यवहार: कहानीकार शिल्पी गोयल

#हर_गलती_की_माफी_नहीं_होती"ओफ्फो, तुम औरतें भी ना पता नहीं क्या-क्या सोच लेती हो, क्या जरुरत थी सीमा तुम्हें कुमार से इस तरह बात करने की, पता भी है उसे कितना बुरा लगा होगा। बेचारा बच्चा थोड़ा हँस खेल लिया हमारे...

और पढ़ें

गलत निर्णय- Story written by Aruna Dora

मीरा, अपने टिकट कैंसिल कर दो ..भैया की तबीयत ठीक नहीं है। बड़ी ननंद आरती ने अपनी भाभी से कहा, जो 3 महीने पहले अपने दोस्तों के साथ मलेशिया जाने का प्रोग्राम बना चुकी थी और टिकट बन गए थे।मीरा के परिवार में उसकी...

और पढ़ें

वो फरिश्ता दिवाली रोशन कर गया

हम अपनी खुशियों को पाने के लिए कितनी मेहनत करते है, हर छोटी बात का ध्यान रखते है लेकिन जब इन खुशियों में कोई कमी आये तो दुख होता है. लेकिन क्या हो जब कोई फरिश्ता आकर आपकी खुशियाँ वापस करें, आपकी खुशियाँ दुगनी हो जाएंगी...

और पढ़ें

अनोखी सीख# दयालुता

जबसे सामने वाली इमारत बननी शुरू हुई थी,तब से मृदुला की परेशानियां बढ़ती जा रही थी। कारण था घर के सामने बन रही इमारत में एक नन्ही सी पाँच-छ: बरस की लड़की रसिया।दरअसल मृदुला की बेटी वाहिनी जो कि सात बरस की...

और पढ़ें

सच्ची सेवा #दयालुता

सोसायटी में सभी महिलाएं शाम को एक साथ बैठकर बातें कर रही थीं।तभी अनुराधा जी की काम वाली बाई सविता वहां से गुजरी। देखते ही उनमें में से एक रेखा जी ने उसे रोक कर कहा -"अरे सविता!,तुम इस वक्त? लॉकडाउन के बाद आज दिखी हो?"सविता...

और पढ़ें

दादी की सोच का प्रभाव #दयालुता

दादी मालती जैसे ही खाने बैठी, पोती अक्षरा दौड़कर एक प्लेट ले आई। मालती ने अपने प्लेट में से कुछ चावल, थोड़ी सी दाल ,सब्जी, दही.... जो भी उन्हें खाने के लिए परोसा गया था निकाल उस प्लेट में डाल दिया।अक्षरा ने उस...

और पढ़ें

नयी सीख #पिंकदीपावली

शर्मा आंटी हर साल दीपावली पर बड़े ज़ोर-शोर से सफाई करती और सफाई करने वाली मेहरी को अनेकों सामान बैग भरकर देती थी, वह बड़ा खुश होकर उनके घर से जाती थी, लेकिन अगले दिन जब काम करने आती तो उसका चेहरा उतरा हुआ होता था, तब मैं करीब दस...

और पढ़ें

#सुहाना बचपन..

 #वो बचपन सुहाना था..                  वो बचपन सुहाना था, ना वख्त की पाबन्दी,                   ना...

और पढ़ें

समधन की, समधन के साथ दिवाली-खुशियों का खज़ाना

"नमस्कार भाभी जी, दीपावली की सारी तैयारियां हो गई"? काजल ने अपनी समधन सारिका से पूछा?हां, सारी तैयारियां हो गई। कल मेरी समधन कीर्ति पटेल, समधी उमेश पटेल, दामाद सागर पटेल और उनका छोटा भाई पवन पटेल भी बेटी तनुजा के साथ पहुंचने...

और पढ़ें

कड़वे बोल के पीछे छिपा,सुन्दर मन

दशहरे से कुछ दिन पहले, मेरे जेठ असमय चले गये। परिवार शोक में डूबा था। सब हँसना ही भूल गये. मन में यही प्रश्न,...

और पढ़ें