डॉ अब्दुल कलाम जिन्होंने भारत के युवाओं को सपने देखना सिखाया

डॉ अब्दुल कलाम जिन्होंने भारत के युवाओं को सपने देखना सिखाया

देश के महान वैज्ञानिक, भारत के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्यतिथि है। आज पूरा राष्ट्र उनका स्मरण और नमन कर रहा है। 

भारत को मिसाइल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और देश को एक नई सोच नए स्वप्न देखने की प्रेरणा देने वाले कलाम को बच्चों से काफी प्रेम था। जब भी उनको मौका मिलता था, वे हमेशा उनके बीच मौजूद रहते थे। 

वे युवा भारत को महान सपने देखने और उनको पूरा करने के लिए प्रेरित करते थेकलाम कहते थे कि महान सपने देखो और उन्हें पूरा करने में जुट जाओ, महान सपने जरूर पूरे होते हैं।
 वे कहते थे कि आप अपने काम से प्रेम करो। अपने काम से प्रेम करने का मतलब राष्ट्र प्रेम है।

एक छोटे से कस्बे से उठकर अपने दम पर अग्नि की उड़ान भरने वाले कलाम ने देश के 11वें राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार  संभाला था । 

पोखरण में हुए दूसरे न्यूक्लियर टेस्ट में डॉ. कलाम ने अहम भूमिका निभाई थी. देश के मिसाइल प्रोजेक्ट में बेहतरीन योगदान देने के चलते डॉ. कलाम को मिसाइल मैन की उपाधि दी गई. अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के विकास का श्रेय डॉ. कलाम को ही जाता है।
डॉ. कलाम को सम्मान देने के लिए ओडिशा के तट पर मौजूद व्हीलर आइलैंड को साल 2015 में अब्दुल कलाम आइलैंड नाम दे दिया गया था. बता दें कि भारत की इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज मिसाइल टेस्टिंग इसी द्वीप पर होती है. पहले इस द्वीप का नाम अंग्रेज कमांडर लेफ्टिनेंट व्हीलर के नाम पर था।

वह ऎसे विशिष्ट वैज्ञानिक थे, जिन्हें 30 विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।

डॉ. अब्दुल कलाम की महत्वपूर्ण उपलब्धियां :-

1. 1997 में भारत रत्न से हुए थे सम्मानित।
2. 1981 में पद्म भूषण अवार्ड।
3. 1982 में अन्ना यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया।
4. 1990 में पद्म विभूषण अवार्ड।
5. 1999 में डॉ. कलाम भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार बनें।
6. 1962 में"भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से जुड़े।
7. 2002 में वह भारत के 11वें राष्ट्रपति बनें।

सादा जीवन उच्च विचार की कहावत डॉ. कलाम के रूप में जीवंत होती थी ,वो भारत के इकलौते राष्ट्रपति थे, जो कुंवारे थे, शाकाहारी थे, जिनका अपना कोई निजी टीवी नहीं था, और बेहद सादा जीवन बिताते थे।

उन्होंने दो दर्जन किताबें भी लिखीं. लेकिन फिर भी अपने ट्विटर प्रोफाइल पर खुद को एक 'लर्नर' ही लिखते थे।

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