औरतें मेकअप ही तो करती हैं

औरतें मेकअप ही तो करती हैं

"रिचा जल्दी करो लेट हो रहा है, कितना टाइम लगता है तुम लोगों को तैयार होने में? माँ भी अभी रेडी नहीं हुई हैं और आरती का तो मेकअप गाड़ी में भी चलेगा| सच में यार तुम औरतें कितना मेकअप करती हो!" रिचा के पति रोनित ने कहा|
पूरे परिवार को एक शादी में जाना था, रोनित और उसके पापा तैयार बैठे थे| माँ पदमा जी, पत्नी रिचा और बहन आरती पर गुस्सा हो रहा था रोनित| उसे पसंद नहीं था औरतों का तैयार होने में इतना समय लगाना और वो अक्सर इस बात के लिए ताने भी देता रहता था|
आरती तो लड़ जाती, लेकिन रिचा और पदमा जी रोनित की इस बात को अक्सर नजरंदाज कर देते| गाड़ी में भी रोनित गुस्सा हो रहा था और रिचा के ससुर जी उसका साथ भी दे रहे थे| शादी पदमा जी के मायके में थी और रिचा पहली बार गई थी, सब लोग बड़ी तारीफ कर रहे थे उसकी| पदमा जी भी अपनी बहु की तारीफ सुन गदगद हो रही थी| जयमाल के बाद सब लोग एक कमरे में बैठकर बातें करने लगे|
रोनित के मामा की बेटी ने उससे कहा, "रोनित भैया आप तो बहुत खुशनसीब हो, इतनी सुन्दर बीवी मिली है आपको सच में भाभी बहुत प्यारी लग रही हैं|"

रोनित ने हंसते हुए कहा, "सब मेकअप का कमाल है, तुम औरतें इतना मेकअप करती हो कि साधारण दिखने वाली लड़की भी परी लगे| तू भी तो गजब लग रही है इस मेकअप की वजह से, वरना रियल में तू कैसी लगती है देखा है मैंने|"
रोनित की बात सुनकर उस बेचारी का मुँह उतर गया| वो तो कुछ नहीं बोली, लेकिन औरतों के प्रति अपने बेटे की ऐसी धारणा और अपनी बहु की बेइज्जती होते देख पदमा जी से चुप नहीं रहा गया और वह बोल पड़ी-
"सही कह रहा है बेटा तेरा भाई, हम औरतें मेकअप ही तो करती हैं| बचपन में अपने साथ होते लड़का लड़की के भेदभाव से मिले दुख पर, बडे़ होकर लड़का ना भी पसंद हो माँ बाप की इच्छा के लिए अपने जीवन को दाव पर लगाकर शादी करके चेहरे पर आई हर झूठी मुस्कान पर, सास ससुर के तानों पर, पति के गुस्से के कहर और हाथ छोड़ने पर आँखों में आये आँसुओं पर और उसकी हर गलती पर, बेटी पैदा करने के बोझ पर और अन्त में सबकुछ करने के बाद भी बच्चों की कही इस बात पर कि आपने हमारे लिए किया ही क्या है -मेकअप ही तो करती आई है हम औरतें| जब से पैदा होती हैं तभी से मेकअप करना सीख जाती हैं हम औरतें और चेहरे के पीछे छुपे हर दर्द हर तकलीफ हर जज़्बात को ढक लेती है इस मेकअप से हम औरतें|"
पदमा जी के ये सब कहते कहते आँखों में से आँसू निकलने लगे| लग रहा था जैसे वर्षों से सुनती आ रही बात का जवाब दे दिया हो अपने पति, अपने बेटे और समाज के उस हर मर्द को जो मेकअप को लेकर औरतों का मजाक बनाना अपना धर्म समझता है और कोई चूक नहीं करता|

दोस्तों, अक्सर लोगों को औरतों के कपड़ों और मेकअप को लेकर मजाक बनाते हुए देखा गया है| जो लोग ऐसा करते हैं उनके लिए जवाब है ये लेख| आपको पसन्द आये तो कमेंट करके बताएं| आप मुझे फॉलो भी कर सकते हैं|
धन्यवाद
आपकी सखी 
सीमा शर्मा पाठक

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