काॅलेज वाली दोस्ती

काॅलेज वाली दोस्ती

 सुहाना मौसम ,गुलमोहर के पीले फूल अपनी अलग प्यारी सी कहानी कह रहे थे पर सबके चेहरे उदास थे। सुधा जो हमेशा चहकती रहती थी ऐसी चुप थी मानो कभी बोलना ही ना सीखा हो उसने। राहुल अपने सारी जोक्स भूल चुका था ,पाखी कैंटीन का रास्ता भूल गई थी, विकास लड़कियों को देखना छोड़ चुका था। सभी चुपचाप बैठे एक दूसरे को देख रहे थे ।

"क्या यार !तुम लोग ऐसे उदास रहोगे तो कैसे काम चलेगा? कॉलेज खत्म हुआ है हम नहीं ।"
"क्या विकास! ऐसी उल्टी-सीधी बातें मत किया करो। ईश्वर करे तुम हमेशा खुश रहो ।"
"लो सेंटी सुधारानी !शुरू हो गई ।"राहुल और पाखी हँस पड़े। "यह हुई ना बात।" विकास ने सब को देखते हुए कहा।
" तुम सही कह रहे विकास! कॉलेज छूट रहा हमारी दोस्ती तो हमेशा बनी रहेगी। हम रोज मिल नहीं पाएँगे पर फोन पर तो बात होगी ही ।कभी मिलकर मस्ती भी कर लिया करेंगे।"

" सही कहा राहुल ।"पाखी ने कहा। "चलो कैंटीन चलते हैं। लास्ट डे है ।कुछ पार्टी हो जाए।" सभी कैंटीन की ओर चल पड़े। समोसा, कोल्ड ड्रिंक, चाट सब कुछ ऑर्डर हुआ। ऊपर से खुश होकर भी सब दुखी थे ।
"पता नहीं था हमारी दोस्ती इतनी गहरी हो जाएगी कि ये तीन  साल कैसे बीत जाएँगें पता नहीं चलेगा। और सुधा शादी में तो बुलाओगी ना।" सुधा की आँखों में आँसू आ गए ।

"ऐसे क्यों बोल रहे राहुल ?जरूर बुलाऊँगी। और अभी तो देखना शुरु हुआ है। शादी थोड़े पक्की हुई है।"
" अच्छा पीजी में कौन-कौन नाम लिखवा रहा? जिससे हम सब फिर मिलने लगेंगे।" विकास ने पूछा ।
"मेरा भी मन  है ।एडमिशन हो गया तो बहुत बढ़िया। पाखी तुम्हें भी करना था ना।"
" हाँ!यार देखो क्या होता है ?"
"क्या सोच रही हो?"राहुल ने पाखी को उदास देखा।

" कुछ नहीं राहुल। हम सभी स्वभाव से कितने अलग हैं ।जब बात शुरू हुई तो हम केवल एक दूसरे को नाम से जानते थे और आज देखो एक दूसरे के दुख सुख के साथी बन गए हैं। बिना कहे एक दूसरे की बात समझ जाते हैं ।कॉलेज के दिन वैसे भी यादगार होते हैं और हमारी दोस्ती ने इसे और यादगार बना दिया। सभी एक वादा करो कोई उदास नहीं होगा और व्हाट्सएप ग्रुप में सभी को डेली अटेंडेंस बनाना होगा ।"पक्का सभी एक साथ बोल पड़े ।

"सही कहा पाखी। दोस्त वही होता है जो बिन कहे हमारी तकलीफ को समझें  उसका हल भी बता दे। इसलिए तो कहते हैं हर एक फ्रेंड जरूरी होता है। सबकी अपनी अलग-अलग अहमियत होती है ।यही एक रिश्ता है जो हम खुद बनाते हैं। खून से ना बने होने के बावजूद यही सबसे करीबी रिश्ता होता है।" सुधा कहते कहते  रोने लगी।

" माना कि हमारे ग्रुप में तुम सबसे ज्यादा इमोशनल हो पर इसका मतलब यह नहीं कि सबके बदले तुम ही रोने लगो?" "क्या विकास ?मेरी हर बात मजाक में उड़ा देते हो।" सुधा ने  झूठा गुस्सा दिखाते हुए कहा ।
"इसलिए कि तुम हँस पड़ो।दोस्तों का काम हँसाना भी होता है। अच्छा बहुत बातें हुई चलो सेल्फी लिया जाए और आज के दिन को हमेशा के लिए यादगार बना दे। स्माइल।" सभी हँस पड़े। सच कहा गया है दोस्तों। दोस्ती से बड़ा कोई रिश्ता नहीं। एक सच्चा दोस्त आपके जीवन भर की कमाई होता है ।आप सभी दोस्तों को हैप्पी फ्रेंडशिप डे।

डाॅ मधु कश्यप 

#हर एक फ्रेंड जरूरी होता है ।

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