घर की लक्ष्मी घर को कंचन करती

घर की लक्ष्मी घर को कंचन करती

❤️❤️????????घर की लक्ष्मी ????????❤️❤️
 
घर को कंचन करती झाड़ू, दीपक का प्रकाश

,चूल्हे की खुशबू, कलम की स्याही,पानी की सुराही

,घर की लक्ष्मी होती है..

 आंगन में बंधी गोरा गाय, जो स्वास्थ्य धन देती है वासित सुमन 

शीतल मंद बयार ,प्रफुल्लित चितवन कर देती है

घर की लक्ष्मी होती है..

 नानी दादी के अनुभव की थैली, वह जो हमको देती हैं

,बहनें, बुआऐ ,मौसी ,भाभी घर की बलाएं ले लेती हैं , 

घर की लक्ष्मी होती है...

छन छन करती बेटी जब  जाती, धानी की मुट्ठी उड़ाती  है,

बहू बनकर दहलीज पर वही धान का कलश गिराती है , 

घर की लक्ष्मी होती है...

 मां के रूप में अपने तन को काटकर ,,हमको जीवन देती है,

पत्नी बन कर जीवन का सारा

 सुख दुख हंस कर सह लेती है,

घर की लक्ष्मी होती है...

 पिता, पति, पुत्र ,भाई की मेहनत की कमाई ,

जो ढेरों सपने बलि चढ़ाकर

मेरे घर में आती है,

घर की लक्ष्मी होती है..

सम्मान करें जो हर नर नारी का 

धरती का वसुधा प्यारी का

संस्कारों की निधि को बांटे,

सम्मान करे इस मातृभूमि का ,

वह घर की लक्ष्मी होती है...

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#Diwalipoetry

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