घी सवारें तोरियाँ नाम बड़ी बहू का

घी सवारें तोरियाँ नाम बड़ी बहू का

आज क्या बनाया जा रहा है? बड़ी अच्छी खुशबू आ रही है! आज कोई स्पेशल दिन है क्या? जो आज इतने तेज खुशबूदार मसाले वाली सब्जी बनाई जा रही है?" सुजाता जी ने अपनी बहू को पूछा|

"माँजी आज मैंने रवि की पसंद की बेसन के गट्टे बनाये हैं और इसमें मसाले थोड़े ज्यादा डालो तभी तो स्वादिष्ट बनेंगे" रिया ने चहकते हुए जवाब दिया।

"तुम भी बहू जब तुम्हे पता है कि ज्यादा तेल मिर्च का खाना मुझे हजम नहीं होता फिर भी तुमने बना दिया?"

"लेकिन माँजी आप खाकर तो देखिये, फिर कहें कि इसमें क्या कमी है।"

रीया ने अपनी सास के सामने कटोरी रख दी। एक चम्मच खाते ही बोली "क्या बात है बहू,  गट्टे तो बहुत अच्छी बनी है| तभी तो रवि इस सब्जी का फैन बन गया है" और दोनों हँसने लगीं।

अगले दिन "बहू आज क्या बना रही हो माँजी आज आपकी फेवरेट सब्जी बना रही हूं... जो आपको बहुत पसंद है।"

"अरे वाह, आजकल तो तुम सबकी पसंद की सब्जी बना रही हो? कल फिर तुम अपनी पसंद की बना लेना" सुजाता जी ने हँसते हुए रिया से कहा|

तभी रिया माँजी के लिए खाना लेकर आ गयी। एक कौर खाते ही सुजाता जी बोल पड़ी "बहू ये क्या सब्जी बनाई है, ना तो इसमें नमक है ना मिर्च? ऐसी सब्जी खाऊँगी तो मैं बीमार हो जाऊंगी| तुम तो खाना बनाना भूल गयी हो, कल से अब तुम मेरे लिए कुछ मत बनाना। मैं अपना खाना खुद बना लूंगी"|

"माँजी जब मैंने कल तीखी मसालेदार सब्जी बनाई वो आपको बहुत अच्छी लगी और आज जब मैंने कम मिर्च और तेल की तोरियाँ बनाईं तो आपको पसंद नहीं आई| आपने तो वही मेरी दादी वाली बात कर दी। मेरी दादी कहा करती थी "घी संवारें तोरियाँ नाम बड़ी बहू का"।

"क्या मतलब है तुम्हारा बहु, अब तुम मुझे सिखाओगी?" कि मुझे क्या कहना है? सुजाता जी ने गुस्से में कहा

"नहीं माँजी, मैं तो बस इतना कह रही हूं कि सब्जी तो कोई सी भी हो, उसके साथ डाले जाने वाले मसाले से ही सब्जी स्वादिष्ट बनती है। कल भी सब्जी मैंने ही बनाई थी और आज भी मैंने बनाई है। लेकिन दोनों के मसाले अलग अलग हैं। सब्जी, सब्जी में डलने वाले मसालों से अच्छी बनती है" रिया ने अपनी सास को कहा| कोई सब्जी तब तक अच्छी नहीं बनती... जब तक उसमें डाले जाने वाले मसाले पूरे न हों। बनाने वाला तो अपना प्यार और पूरी मेहनत से बनाता है। सच कहा बहू तुम्हारी दादी ने ये बात तो मेरी माँ कितनी बार कहती थी कि कोई भी साग सब्जी मसालों से अच्छी बनती है।और यदि उसमे घी डाल दिया जाए तो उसका स्वाद और भी बढ़ जाता है सुजाता जी ने कहा...

क्या आप भी मेरी इस बात को मानते हो या नहीं कि घी संवारें तोरियाँ, नाम बड़ी बहू का|

आपकी दोस्त
विनीता धीमान

#दादी नानी की कहावतें मुहावरे

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