गर्भावस्था में ध्यान रखने योग्य बातें

गर्भावस्था में ध्यान रखने योग्य बातें

गर्भावस्था किसी भी स्त्री के लिए एक महत्वपूर्ण अवस्था होती है।इस समय एक महिला का शारिरिक,मानसिक,भावात्मक बदलाव हो रह होते हैंं।कुछ हैरानी करने वाला और नवीनतम होता है।हालांकि घर की अन्य अनुभवी स्त्रियां अपने -अपने बेहतर सुझाव देती हैं,जिन्हें आप अपना सकती हैं।यहां गर्भावस्था से समय ध्यान रखने योग्य बताई जा रही हैं जिन्हें आप फॉलो कर सकती हैं-

1-तनाव न पालें- गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्थति में बार-बार बदलाव होता रहता है।इस दौरान बहुत चिड़चिड़ा अकेला महसूस करती हैं।उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में कभी गुस्सा तो कभी हंसना इस तरह के बदलाव होते हैं जिस कारण वह तनाव में रहती हैंं। इस भाषा को 'माइंड स्विंग' कहते हैं।इससे बचने के लिए हल्का मधुर संगीत सुनें।खाने में प्रोटीन, कैल्शियम,विटामिन युक्त भोजन करें।

2-हल्का योग करें-डॉक्टर के परामर्श से लेकर हल्का फुल्का व्यायाम करें।सुबह-शाम टहलें।इससे गर्भस्थ का समुचित विकास होगा।बहुत ज्यादा कठिन व्यायाम से बचें।पानी ज्यादा पियें।ध्यान करें।ईश्वर का सानिध्य लें।इससे आपको आंतरिक शांति का अनुभव होगा।

3-भरपूर नींद लें-हालांकि गर्भावस्था में गर्भ बढ़ने से नींद बाधित होती है।बच्चा पेट में मूवमेंट करता है इस कारण नींद कई बार टूटती है।इस समय बार बार यूरिन होने की वजह से भी नींद बाधित होती है।रात के समय सोने से चार घंटे पहले ही खाना खा लें।रात का खाना जितना हल्का लें उतना अच्छा।रात का दूध भी सोने के एक घंटे पूर्व ले लें।इससे भी रात को यूरिन के कारण आपकी नींद खराब नहीं होगी।

4-अपने को व्यस्त रखें- गर्भावस्था के दौरान अपने आप को व्यस्त रखें।पेंटिंग से संबंधित किताबों को पढ़ें इससे आप अपने बच्चे से जुड़ती जायेंगी।अपना मनपसंदीदा काम जैसे- चित्रकला,हल्की फुल्की मनोरंजक फिल्म,टीवी देखें,आर्ट एंड क्राफ्ट करें।डरावने,हिंसायुक्त, रुलाने वाले,मन को विचलित करने वाले फिल्मों से परहेज करें।

5-आरामदायक कपड़े पहनें-गर्भावस्था के दौरान आरामदायक सूती कपड़े पहनेंं हो जिससे आपको चलने,बैठने में उठने में दिक्कत का सामना न करना पड़े।हो सके तो मुलायम सूती कपड़े से अपने लिए गाउन बनवा दीजिए जिससे आपको उठने बैठने और चलने में तकलीफ ना हो।गर्भावस्था के दौरान ऊंची हाई हील से बिल्कुल परहेज ही करें यह आपकी और आपके गर्भस्थ शिशु के लिए एकदम हानिकारक है।

6-दूरदराज की यात्रा से परहेज़- गर्भावस्था के दौरान दूरदराज की यात्रा से परहेज करें।शुरुआत के तीन महीने और अंत के तीन महीनों में यात्रा न करें।आप अपने शहर में घूम सकते हैं।भीड़भाड़ वाली जगहों से जाने से परहेज करें।ऊबरखाबड़ सड़कों, नाली,सेप्टिक टैंक को ध्यान से पार करें।

7-पौष्टिक भोजन लें-गर्भावस्था के दौरान अपने भोजन में मिनिरल, विटामिन,प्रोटीन,आयरन,फाइबर,कैल्शियम की भरपूर मात्रा में प्रयोग करें।एक साथ ज्यादा मात्रा में भोजन न कर थोड़ी थोड़ी अंतराल खाऐं इससे आपकी पेट में भार भी नहीं होगा और आपको एसिडिटी भी नहीं होगी। फलों का और दूध- दही का सेवन जरूर करें।

8-डॉक्टर से परामर्श लेंं- गर्भावस्था के दौरान आप अपनु गाइन से समय-समय पर परामर्श लेते रहे।उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।हल्की-फुल्की  खाँसी-जुकाम, बुखार में अपने आप कोई भी दवा का प्रयोग ना करें।आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें । किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं। डॉक्टटर के कहने परदिए समय पर आप अल्ट्रासाउंड जरूर करवायें।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अलग-अलग तरीके की दिक्कत होती हैंं जैसे-पैरों में जलन,पैरों में दर्द,सीने में दर्द,एसिडिटी बेचैनी,घबराहट,जी मिचलाना, उल्टी की शिकायत होती है।प्रत्येक गर्भवती का अपना अपना अलग अनुभव होता है।उपर्युक्त मेरे अपने गर्भावस्था के दौरान हुए अनुभव के आधार पर हैं।आप अपने घर की महिलाओं से भी उनके अनुभव पूछिये जानिये।

गर्भावस्था ही वह अवस्था है जो एक स्त्री को पूर्ण बनाती है।आप स्वयं एक सृष्टि का निर्माण करती हैं जैसे एक बीज को पनपने के लिए उचित हवा,पानी,खाद देते हैं वैसे ही अपन गर्भस्थ शिशु को  अपने रहन-सहन, वातावरण से सींचिए और अपने छरहरे फिगर को भूल गर्भावस्था का आंनद लीजिए।

धन्यवाद

राधा गुप्ता 'वृन्दावनी'

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