ज़िंदगी और मौत एक चमत्कार

ज़िंदगी और मौत  एक चमत्कार

                  एक चमत्कार

ज़िंदगी और मौत से झूझते अरनव को बस एक चमत्कार ही जीवन दान दे सकता था हॉस्पिटल में बीतता एक -एक पलपलक को युगों के समान लग रहा था भगवान से लगातार प्रार्थना करती पलक की आँखों के आगे बीते दिन याद रहे

थे उस दिन सुबह अरनव कुछ ज़्यादा ही मस्त मूड में था आख़िर उस दिन उसकी प्रमोशन होनी वाली थी

पलक ,रात को खाना मत बनाना प्रमोशन मिलने की ख़ुशी में हम रात को किसी अच्छे से रेस्ट्रॉंट में डिनर करने चलेंगे

ठीक है मैं मम्मी जी और पापा जी को भी कह

दूँगी हम सब तैयार मिलेंगे तुम्हेंपलक कह कर रसोई में चली गयी

रात को जब वो ऑफ़िस से आया तो बहुत

थका -थका सा था उसे तेज़ बुखार था पलक ने बुखार की दवाई देकर उसे सुला दिया और फिर रसोई में सबका खानाबनाने चली गयी दो -तीन दिन बीत गए पर बुखार दवाई के असर से थोड़ा कम होता पर उसके असर ख़त्म होने के बादएक दम बढ़ने लगता डॉक्टर ने ब्लड टेस्ट की सलाह दी रिपोर्ट देख कर पलक के पैरों तले ज़मीन खिसक गयी उसकीआँखों के आगे अँधेरा छाने लगा ब्लड टेस्ट में डेंगू का बुखार आया बड़ी मुश्किल से अपने आप को संभाल कर ,डॉक्टरके कहने पर हॉस्पिटल में अड्मिट करवा दिया

डेंगू बुख़ार ने अरनव को पूरी तरह जकड़ लिया

था उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी प्लेटलेट डाउन हो रहे थे और डेंगू के कारण खून पतला हो रहा था उसकी जानबचाने के लिए उसे खून ,प्लेटलेट चढ़ाने ज़रूरी थे पर क्यूँकि अरनव का ब्लड ग्रूप रेयर था ‘A’ नेगेटिव ,जो आसानी सेब्लड बैंक्स में उपलब्ध नहीं होता बदकिस्मती से उस दिन तो किसी ब्लड बैंक में मिला और ही कोई डोनर मिला वोबस आँखें बंद किए ईश्वर से किसी चमत्कार की प्रार्थना कर रही थी की कहीं से ,कैसे भी ‘A’नेगेटिव ब्लड मिल जाए औरअरनव को जीवनदान मिल जाए तभी डॉक्टर की आवाज़ से पलक की तंद्रा टूटी

मिसज़ पलक , अरनव की हालत अत्यंत गम्भीर है अगर जल्द से जल्द ‘A’नेगेटिव ब्लड

का इंतज़ाम नहीं हुआ तो कुछ भी हो सकता है

डॉक्टर की बात सुन कर वो जड़वत हो गयी ,शरीर ठंडा पड़ने लगा था उसका अब तो बस भगवान के चमत्कार का आसराथा जो अरनव को जीवनदान दे सकता था तभी अचानक उसे हॉस्पिटल में उसका बचपन का दोस्त आता नज़र आया ,जोवहाँ अपने किसी रिश्तेदार को देखने आया था पलक को देख कर वो रुक गया उसकी परेशानी का कारण पूछा तोबोला ,

पलक तुम्हारी चिंता दूर हुई भगवान ने तुम्हारी सुन ली मेरा ब्लड ग्रूप ‘A’नेगेटिव है मैं दूँगा अरनव तो ब्लड

उसकी बात सुनते ही पलक को तो जैसे कोई वरदान मिल गया हो उसका चेहरा खिल गया उसने अपने दोस्त का तहेंदिल से धन्यवाद दिया और उससे भी ज़्यादा भगवान का ये भगवान चमत्कार नहीं तो क्या था जो अचानक ही भगवान नेउसके दोस्त को भेज दिया और वो भी ऐसा दोस्त जो भारत में नहीं अमरीका रहता था और सालों से भारत नहीं आया था उसने फिर से ईश्वर के इस चमत्कार पर उनका खूब -खूब आभार प्रकट

किया किसी ने सत्य ही कहा है ,ईश्वर पर आस्था और विश्वास चमत्कार कर ही देता है

-कीर्ति जैन

#एक चमत्कार

#The Pink Comrade

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