किरण मजूमदार-शॉ बनीं साल की ‘ईवाई वर्ल्ड एंटरप्रेन्योर पुरस्कार जीतने वाली तीसरी भारतीय

किरण मजूमदार-शॉ बनीं साल की ‘ईवाई वर्ल्ड एंटरप्रेन्योर  पुरस्कार जीतने वाली तीसरी भारतीय

बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ को 2020 के लिए" ईवाई वर्ल्ड एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर सम्मान से नवाजा गया है"। 
41 देशों के 46 उद्यमियों में से उनका चयन इस पुरस्कार के लिए किया गया।पुरस्कार के 20 साल के इतिहास में वह यह सम्मान पाने वाली हेफ्लक्स लिमिटेड की ओलिविया लम के बाद दुनिया की दूसरी और भारत की पहली महिला उद्यमी हैं। इसके अलावा, वह तीसरी भारतीय हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला है।   
मजूमदार शॉ ने कहा, मैं प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने से सम्मानित महसूस कर रही हूं। उद्यमशीलता मुश्किलों के समाधान से जुड़ा है। मेरी उद्यमशीलता की यात्रा के दौरान अनुभव रहा है कि सबसे बड़ा अवसर अक्सर सबसे कठिन समय में आता है।

उन्होंने कहा, महिलाएं भी आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन उनके योगदान को बहुत लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया है। ईवाई वर्ल्ड एंटरप्रेन्योर मंच का इस्तेमाल महिलाओं को उद्यमिता क्षेत्र में प्रोत्साहित करने में किया जाना चाहिए

किरण मजूमदार शॉ एक भारतीय महिला व्यवसायी, टेक्नोक्रेट, अन्वेषक और बायोकॉन की संस्थापक है, जो भारत के बेंगलुरु में एक अग्रणी जैव प्रौद्योगिकी संस्थान है. वे बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा सिनजीन इंटरनेशनल लिमिटेड और क्लिनिजीन इंटरनेशनल लिमिटेड की अध्यक्ष हैं।
मजूमदार शॉ ने 1978 में बायोकॉन को शुरू किया और उत्पादों के अच्छी तरह से संतुलित व्यापार पोर्टफोलियो तथा मधुमेह, कैंसर-विज्ञान और आत्म-प्रतिरोध बीमारियों पर केंद्रित शोध के साथ इसे एक औद्योगिक एंजाइमों की निर्माण कंपनी से विकासित कर पूरी तरह से एकीकृत जैविक दवा कंपनी बनाया। उन्होंने खोज और अनुसंधान के साथ-साथ विकास सहायक सेवाएं प्रदान करने के लिए सिनजीन (1994) और नैदानिक विकास सेवाओं को पूरा करने के लिए क्लिनिजीन (2000) की स्थापना भी की।

मजूमदार शॉ जैव प्रौद्योगिकी को एक क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देने में रुचि रखती हैं और कर्नाटक राज्य के विजन ग्रुप बायोटेक्नोलॉजी की अध्यक्ष हैं। 

अपने अग्रणी कार्यों के लिए उन्होंने भारत सरकार से प्रतिष्ठित पद्मश्री (1989) और पद्म भूषण (2005) समेत कई पुरस्कार अर्जित किए हैं।
जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके द्वारा लीक से हट कर किए गए कार्यों को कॉरपोरेट वर्ल्ड में बहुत ही सम्मान दिया गया है।
 टाइम पत्रिका के दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में इनका नाम भी शामिल किया गया. वे दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की फोर्ब्स की सूची और फाइनेंशियल टाइम्स के कारोबार में टॉप 50 महिलाओं की सूची में भी शामिल की गयीं।


अनु गुप्ता

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