कुछ मीठा हो जाये

कुछ मीठा हो जाये

हमारे भारतीय समाज में बहुत सी ऐसी परंपरायें और रीति रिवाज़ ऐसे होते है, जिनकी यादें हम ताउम्र संजोकर रखना चाहते है। ऐसी ही एक मीठी सी परंपरा है नयी नवेली बहू के हाथ की पहली रसोई।

कुछ सकुचाई और घबराई सी बहू जब पहली बार ससुराल के रसोईघर में प्रवेश करती है, तो घबराहट के कारण जो बनाना आता है, वह वो भी भूल जाती है। हमारे भारतीय परंपरा में बहू की पहली रसोई में कुछ मीठा बनवाया जाता है। मेहंदी और चूडि़यो भरे हाथ लेकर जब बहू यह रस्म करती है, तो यह नजा़रा बहुत ही प्यारा लगता है।यह मीठी सी, प्यारी सी रस्म इसलिये होती है ताकि बहू के हाथ से बने उस मीठे की मिठास उसके और ससुरालवालो के रिश्तो में भी सदैव घुली रहें। और माँ अन्न्पूर्णा का आशीर्वाद सदा उस घर में बना रहे।हमारे यहाँ नयी-नवेली बहू खीर या हलवा बनाती है अपनी पहली रसोई में। मैने भी खीर बनाई थी और घबराहट के कारण फीकी सी खीर बनाई थी। लेकिन फिर भी मेरे ससुरालवालो ने तारीफ की थी और बडे़ ही चाव से खाया था। और हाँ इस रसोई की रस्म के बाद घर के बडे़ अपने आशीर्वाद के रूप में कुछ शगुन भी देते है। 

मुझे तो बहुत पसंद है यह मीठी सी रस्म। आपकी इस बारे में क्या राय है, अवश्य बताइयेगा।

#परंपरा

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