क्या है ...पीसीओएस और पीसीओडी

क्या है ...पीसीओएस और पीसीओडी

समय पर पीरियड्स ना आना, हर समय थकान रहना, शरीर में भारीपन महसूस करना और तनाव रहना कुछ ऐसे सामान्य लक्षण हैं, जो पीसीओएस या पीसीओडी से ग्रसित महिलाओं में देखने को मिलते हैं।
पीसीओएस और पीसीओडी एक ही बीमारी के दो नाम हैं। यह समस्या महिलाओं के जीवन को कई तरीकों से प्रभावित करती है। शारीरिक और मानसिक परेशानियों के साथ ही इस बीमारी से ग्रसित महिलाओं को प्रेग्नेंसी में भी समस्या आ सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बताते हैं कि पीसीओएस एक हॉर्मोनल डिसऑर्डर है। दुनिया की हर 10 में से एक महिला इस बीमारी की चपेट में जरूर आती है। इस लिहाज से आप समझ सकते हैं कि यह कितनी व्यापक समस्या है।
इस हॉर्मोनल समस्या के कारण पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन यह समस्या महिलाओं की ओवरी यानी बच्चेदानी में छोटी-छोटी गांठ बना देती है।
महिलाओं में बढ़ती डायबिटीज, सिर के अतिरिक्त शरीर के अन्य हिस्सों में बालों का अत्यधिक बढ़ना, एक्ने की समस्या और प्रेग्नेंसी ना हो पाने जैसी समस्याओं का एक बड़ा कारण पीसीओएस की समस्या है।
       आइए, जानते हैं इस बीमारी से जल्द बाहर आने के  टिप्स ...
1- पीसीओएस की समस्या से निपटने के लिए हमें हर दिन वॉकिंग करना जरूरी है। हर दिन करीब 10 हजार कदम चलना जरुरी है।

2-हर दिन एक्सर्साइज करनी चाहिए। एक्सर्साइज व योग हमारे शरीर को स्वस्थ, मजबूत बनाने के साथ ही मेंटल हेल्थ को भी सही रखता है।

3-पीसीओएस की समस्या से गुजर रही महिलाओं को शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। शहद या नैचरल शुगर का भी सेवन नहीं करे बल्कि फ्रूट्स के जरिए अपने शरीर की शुगर डिमांड को पूरा करे ।

4--कोकोनट योगर्ट, बेरीज और पेलियो ग्रेनोला जैसी चीजों का सेवन नाश्ते में करे।

5--आप जहां भी हो, वहां की स्थानीय संस्कृति और मौसम के हिसाब से लोकल फूड खाना ही पसंद करे । क्योंकि हर जगह का फूड उस स्थान की जलवायु के हिसाब से होता है, जो सेहत का सबसे बड़ा राज है। 

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