मेरी बहु घर -घर काम नहीं करेगी

मेरी बहु घर -घर काम नहीं करेगी

"क्या हुआ दीदी बडी़ देर कर दी आने में आज तो " सरिता ने अपने यहाँ खाना बनाने वाली सीमा दीदी से कहा |

कुछ नहीं दीदी बहु को अस्पताल ले गयी थी

"अरे क्या हुआ बहु को तबीयत खराब हो गयी थी " सरिता ने पूछा 

सीमा " नहीं भाभी जी उसको साइकिल चलाना सीखा रही थी |" तो ब्रेकर से टकराकर गिर गयी हाथ में लग गयी | 

अच्छा अब ठीक तो है सरिता ने पूछा 

हाँ भाभीजी अब ठीक है, वो पारलर का काम सीख रही है न इसलिए सोचा साइकिल सीख लेगी तो उसी से चली जाया करेगी| वैसे तो उसे आता है पर प्रेक्टिस के लिए जाती है | हाथ साफ हो जायेगा तो घर में ही पारलर खुलवा देगे | मेरी तरह घर - घर काम तो नहीं करना पडेगा | मैने तो बहुत दुख देख लिए पर अपनी बहु को नहीं देखने दूंगी | आप लोगो के और भगवान के आशीर्वाद से बेटा भी फेक्ट्री जाने लगा है | दोनों मिलकर कमायेगे तो आराम से जि़न्दगी कट जायेगी | और मैं तो अपने गुजारे लायक कमा ही लेती हो |

सरिता ने कहा " दीदी तुम्हारे जैसी सास सभी को मिले कितना सोचती हो अपनी बहु के लिए |

अरे भाभीजी मेरी सास ने मुझे तनिक भी प्यार न दिया और बेटा शराबी था उसका भी ठीकरा मेरे ऊपर ही फोड़ दिया | कहती थी तेरे ही कारण मेरा लडका शराबी हो गया | बताओ  भाभीजी पहले से ही शराबी था उसका लडका धोखे से शादी कर ली और मुझे ही उल्टा दुख देती थी | तभी सोच लिया था अपने बेटे को खूब पढाउंगी  और बहु को भी स्नेह से रखूँ गी |

हाँ सीमा दीदी तुम्हारी तपस्या सफल हुयी लडका भी तुम्हारा अच्छा निकला और तुम्हें बहु भी अच्छी मिल गयी | अच्छा जल्दी से खाना बनाओ और जाते वक्त बहु की करवा चौथ की साड़ी ले जाना |

अरे भाभी आप क्यों लायी मैं ले आती उसके लिए 

मैनें कल सब सून लिया था जब तुम नीतू से पूछ रही थी कि बहु की पहली करवा चौथ है तो उसके लिए साड़ी लाऊँ | नीतू का जबाब भी सुना था मैने बोल रही थी कि कोई सास न लाती तुम ही इतनी अच्छी सास हो जो बहु के लिए गिफ्ट लोगी | नीतू की बात सुनकर हंसी आ रही थी | वैसे ठीक ही कहा तुम्हारे जैसी कम ही होगी सास

अच्छा चलो चुपचाप से साड़ी रख लेना और बढिया सा मटर पनीर बनाओ | बच्चों को तो तुम्हारे ही हाथ का पनीर अच्छा लगता है | और बहु से कहना जब उसका पारलर  खुलेगा तो पहली कस्टमर मैं ही होगी |

सीमा दीदी की आंखों में खुशी के आंसू थे और सरिता ये सोच रही थी सीमा दीदी  जैसी सास किस्मत वालो को मिलती है |

स्वरचित

श्रुति त्रिपाठी

# मेरा विषयमेरीकहानी #"स्टोरी वीक

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