रक्षा-बंधन

रक्षा-बंधन

रक्षा-बंधन(राखी) भाई बहिन का त्यौहार है कहते हैं इस दिन द्रोपदी ने भगवान कृष्ण की हाथ में अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर बांध दिया था और भगवान ने उन्हें अपनी बहिन माना और उन्हें उनकी हमेशा रक्षा करने का वचन दिया उस दिन से बहिने अपने भाई के हाथ में राखी बांधती है और भाई अपनी बहिन की रक्षा करने का वचन देते हैं | कहते हैं कि भगवान ने द्रोपदी की लाज बचाकर अपने वचन को निभाया था |

मुझे रक्षा-बंधन का त्यौहार बहुत अच्छा लगता है हम दोनो भाई बहिन की बहुत सी यादे जुडी हुई है जब हम छोटे थे तो हम दोनों की लड़ाई हो जाती थी तो मै उससे कहती थी जाओ मै तुम्हारे राखी नहीं बांधूगी तो वह कहता था न बांधना मै पैसे नहीं दूंगा |फिर राखी वाले दिन हम लड़ाई भूल जाते थे | हमारा परिवार भी बहुत बडा़ था तो हम  अपने कजिन्स के भी राखी बांधते थेऔर दीदी लोग आती थी भाई को राखी बांधने |मैं यहाँ एक किस्सा शेयर करना चाहूंगी बहुत मजेदार है मेरी एक दीदी की शादी लोकल हुयी थी उनके यहाँ मिठाई की दुकान है तो दीदी राखी बांधने आयी तब उनकी दुकान पर बहुत भीड़ होने से मिठाई खत्म होने लगी तो दीदी बोलकर आ गयी जब मिठाई बन जाये तब भिजवा देना | फिर दीदी ने भाई को और मेरे एक कजिन को जो कि मरा हम उम्र था दोनो को राखी बांधी मम्मी ने और मेरी ताईजी  ने जो नेग दिया था दीदी के लिए दोनों ने दे दिया | दोनों एक दूसरे को देखने लगे दीदी इधर उधर हो गयी तो  मेरा कजिन मेरे भाई से बोला अरे यार पैसे भी चले गये और मिठाई भी नहीं मिली | मेरे भाई ने दीदी को बोल दिया दीदी ने तुंरत मिठाई मंगाई सब बहुत हंसने लगे| उसके बाद दीदी जब भी राखी पर आती तो बोलती चिंटू मिंटू मिठाई लाये है हम, सब हंसते बडे जोर से, अब हम सब बडे हो गये दूर दूर हो गये |भाई भी कभी कभी ही जा पाता है राखी पर घर क्योकि मै भी यही उसी के शहर में रहती हूँ | 

मेरे भाई को सबसे बडी़ राखी बंधवाने का शौक था और सबसे ज्यादा दोनों मिलकर राखी गिनते थे किसके ज्यादा बंधी है | लेकर अब एक धागा बांधता है | अब हमारे बच्चे करते हैं बडी राखी बांधनी है और दो तीन बांधनी है सच में त्यौहार तो बचपन में ही अच्छे से इंकार होते हैं |

सभी को राखी की ढेर सारी शुभकामनाएं

स्वरचित

श्रुति त्रिपाठी

# भाई और मेराबचपन (रक्षा-बंधन) 

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0