साँवला होना,अभिशाप नही है

साँवला होना,अभिशाप नही है

मेरा रंग सांवला है,या यूं कहें कि कुछ हद तक काला है।भारतीय समाज मे रंग को बहुत अहमियत दी जाती है।काला होना घृणा का नही लेकिन उपेक्षा का विषय अवश्य है।

लोगो के तानो और उपेक्षा भरी नज़रो ने मुझे हीन भावना से भर दिया।मुझे लगने लगा कि काला होना जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है।पढ़ाई मे औसत थी और हीन भावना से ग्रसित होने के कारण कक्षा मे प्रश्न पूछने मे भी घबराती थी।किसी तरह रो धो कर स्नातक किया।अब पापा को मेरी शादी की चिंता होने लगी।मेरा रंग शादी मे सबसे बड़ा रोड़ा था। कई बार रिजेक्ट होने के बाद लड़के वालो ने मुझे पसंद कर लिया।

भाग्य ने मेरा साथ दिया,मेरे पति स्वभाव के बहुत अच्छे थे।उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया,मेरी हीन भावना से निकलने मे बहुत मदद की।
कुछ समय बाद मैं गर्भवती हुई,मेरा मन एक आशंका से घिर गया,कहीं मेरी लड़की हुई और उसका रंग मेरे पर ना चला जाये।
मैं लोगो के बताए टोटके करने लगी।किसी ने कहा नारियल पानी पियो तो बच्चे का रंग गोरा होता है, मैं रोज़ नारियल पानी पीने लगी।किसी ने कहा संतरे खाने से बच्चे का रंग साफ होता है,मैं खूब संतरे खाने लगी।

भगवान से प्राथर्ना करने लगी कि मेरा बच्चा मुझ पर न जाये।आखिर वो दिन भी आ गया जब मैं प्रसव पीड़ा के साथ अस्तपताल पहुंची।बच्चा होने के बाद मैंने डॉक्टर से केवल ये पूछा "डॉक्टर मेरे बच्चे का रंग कैसा है"?डॉक्टर ने आश्चर्य से मेरी तरफ देखा,बोली क्या??
शायद ही किसी माँ ने डॉक्टर से यह प्रश्न पूछा हो!मेरा डर सही हुआ मेरी बेटी बिल्कुल मेरे पर गयी,उसका रंग सांवला ही था।मैं कुछ समय के लिए अवसाद मैं चली गयी।तब मेरे पति ने समझाया,रंग से कुछ नही होता है,हम इसकी परिवरिश ऐसे करेंगे, हमे इस पर गर्व होगा कि ये हमारी बेटी है।

मैंने उसकी परवरिश मे, इस बात का ध्यान रखा कि वो हीन भावना से ग्रसित न हो।मैंने उसका नाम प्रज्ञा रखा वो अपने नाम के अनरूप तीक्ष्ण बुद्धि वाली थी।कक्षा मे वो हमेशा प्रथम आती थी।सभी अद्यपिकाओ की प्यारी थी।स्नातक के बाद उसने IAS की तैयारी की,तीन सालों की मेहनत के बाद वो IAS बन गयी।आज सब कहते है ,देखो प्रज्ञा की मम्मी जा रही है तो बहुत अच्छा लगता है।

आज सोचती हूँ जब वो पैदा हुई थी तो मैं कितना

परेशान हो गयी थी,की इसका क्या होगा।

रंग से कोई फर्क नही पड़ता है ,हमे अपने व्यकित्व गुणो को निखारना चाहिए।
रंग तो दो ही होते है, काला या गोरा,इसके कारण हमें हीन भावना से ग्रसित नही होना चाहिए।

What's Your Reaction?

like
3
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0