नहीं रहीं बालिका वधू की दादी सा- Surekha Sikri Passed Away

नहीं रहीं बालिका वधू  की दादी सा- Surekha Sikri Passed Away

पॉपुलर शो बालिका वधू समेत कई बड़े शोज और फिल्मों का हिस्सा रहीं दिग्गज अदाकारा सुरेखा सीकरी का  निधन हो गया है,सुबह दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनका निधन हो गया।

 एक्ट्रेस लंबे वक्त से बीमार चल रही थीं. 2020 में सुरेखा सीकरी को दूसरी बार ब्रेन स्ट्रोक आया था. तभी से उनकी तबीयत खराब चल रही थी. 2018 में सुरेखा सीकरी को पैरालाइटिक स्ट्रोक आया था।

सुरेखा सीकरी थियेटर, टीवी और फिल्मों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1978 में पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’ से की। 

उन्हें 3 बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। ये फिल्में तमस (1988), मम्मो (1995) और बधाई हो (2018) थीं।

उन्होंने  सीरियल ‘बालिका वधू’ में दादी सा का किरदार निभाया था। इसके अलावा उन्होंने सीरियल ‘एक था राजा एक थी रानी’, ‘सात फेरे’, ‘बनेगी अपनी बात’ और ‘सीआईडी’ में काम किया। सुरेखा की मुख्य फिल्मों में ‘किस्सा कुर्सी का’, ‘तमस’, ‘सलीम लंगड़े पे मत रो’, ‘मम्मो’, ‘सरदारी बेगम’, ‘सरफरोश’, ‘जुबैदा’, ‘बधाई हो’ और ‘घोस्ट स्टोरीज’ हैं।

सुरेखा सीकरी चिकित्सकों और शिक्षकों के परिवार में जन्मीं थीं। उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाई गई। परिवार से कोई भी अभिनय के क्षेत्र में नहीं था, बावजूद उनके निर्णय पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई।

सुरेखा ने 2018 में आई फिल्म बधाई हो में दुर्गा देवी कौशिक का रोल प्ले किया था. इस रोल में भी सुरेखा ने लोगों का दिल जीता था. इस रोल के लिए सुरेखा को नेशनल अवॉर्ड मिला था. सुरेखा व्हील चेयर पर बैठकर राष्ट्रीय पुरस्कार लेने पहुंची थीं।

उन्हें 'मम्मो' और 'बधाई हो' (Badhai Ho) के लिए 3 बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. हालांकि, 'बालिका वधू' (Balika Vadhu) की 'दादी सा' के रूप में आज भी वह लोगों के जेहन में जिंदा हैं।
उन्होंने अपने अभिनय की एक अमिट छाप छोड़ी है. 

पिंक मंच की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि

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