टेल ऑफ राइजिंग रानी ने भारत का सिर विश्व स्तर पर गर्व से ऊंचा किया

टेल ऑफ राइजिंग रानी ने भारत का सिर विश्व स्तर पर गर्व से ऊंचा किया

महिला सशक्तिकरण और बाल विवाह के साथ-साथ प्रधानमंत्री के स्लोगन "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" जैसे विषय पर आधारित  फिल्म "द टेल ऑफ राइजिंग रानी" जिसने रिलीज़ होने से पहले ही कर लिए है कई सारे अवॉर्ड्स अपने नाम।
देश विदेश के फिल्म समारोहों में आठ पुरस्कार जीतकर फिल्म ‘टेल आफ राइजिंग रानी' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान को आगे बढ़ाते हुए पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया है ।  

 प्रकाश सैनी द्वारा लिखित, निर्देशित और संपादित फिल्म ‘टेल आफ राइजिंग रानी' का निर्माण अशोक कुमार शर्मा द्वारा स्ट्राइप्स एंटरटेनमेंट एलएलपी के बैनर तले किया गया है । 

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को आगे ले जाने वाली इस फिल्म की कहानी एक बालिका के इर्द-गिर्द घूमती है. जो अपनी चचेरी बहन को न्याय दिलााने के लिए 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' सोच के तहत पूरी सिस्टम के साथ भिड़ जाती है.
फिल्म की पृष्ठभूमि में ग्रामीण भारत का दर्शन है।
जहां इन घटनाओं पर किसी का ध्यान नहीं जाता है. जिससे बच्चियों को न्याय नहीं मिल पाता है. सच्ची घटनाओं और अन्यायपूर्ण पंचायत प्रणाली के आधार पर विकसित इस फिल्म में दिखाया गया है कि समाज की दकियानूसी सोच और 
मा​नसिकता के कारण कैसे एक मासूम लड़की की जिंदगी बिखर जाती है।

फिल्म की खासियत यह है कि इसमें प्रमुख भूमिकाएं वास्तवविक लोगों ने ही निभाई है।
यह फिल्म इंडी मेमे फिल्म फेस्टिवल ऑस्टिन, 53वें वर्ल्डफ़ेस्ट ह्यूस्टन, लंदन इंडिपेंडेंट फिल्म अवार्ड्स, वर्ल्ड फिल्म कार्निवल सिंगापुर, ओनिरोस फिल्म अवार्ड्स इटली में पुरस्कार विजेता बनी।
 वहीं लंदन ग्रीक फिल्म फेस्टिवल, लॉस एंजेलिस फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स में सेमी फाइनालिस्ट रही. इसके अलावा न्यूयॉर्क सिटी इंडिपेंडेंट फिल्म समारोह, कोलंबिया फिल्म कला महोत्सव, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी इसका आधिकारिक चयन हुआ।

टेल ऑफ राइजिंग रानी" फ़िल्म की पूरी शूटिंग मथुरा और हाथरस में हुई है.साथ ही फ़िल्म में कई बच्चों ने भी प्रतिभा प्रदर्शन किया है।
पुरस्कार जीतकर इस फ़िल्म ने भारत का सिर विश्व स्तर पर गर्व से ऊंचा किया है।

अनु गुप्ता 

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