टीना डाबी जिनके कारण भीलवाड़ा मॉडल चर्चा में है

टीना डाबी जिनके कारण भीलवाड़ा मॉडल चर्चा में है
कोरोना वायरस के प्रकोप पर काबू पाने को लेकर 'भीलवाड़ा मॉडल' पूरे देश में चर्चा में है। दरअसल, खतरनाक कोरोना वायरस से लड़ने के लिए राजस्थान के इस जिले ने जिस योजनाबद्ध तरीके से काम किया है, इसी वजह से 'भीलवाड़ा मॉडल' की अब चारों ओर चर्चा हो रही है। कोरोना के खिलाफ जंग में अगर भीलवाड़ा मुस्तैदी से डटा रहा। तो इसके  पीछे  UPSC IAS टॉपर रह चुकीं टीना डाबी का भी बहुत बड़ा योगदान है। 
 IAS ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें अक्टूबर 2018 में भीलवाड़ा के एसडीएम (सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट) पद पर पहली पोस्टिंग मिली थी। ये भीलवाड़ा राजस्थान का वहीं शहर है जिसने कोरोना वायरस संक्रमण के महायुद्ध को जीत कर पूरे देश को चौंका दिया है। कोरोना वायरस के प्रकोप पर काबू पाने को लेकर 'भीलवाड़ा मॉडल' पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है
 IAS ट्रेनिंग में भी अव्वल आने वाली टीना ने कहा, 'शटडाउन, कर्फ्यू का ऑर्डर पास होने के तुरंत बाद हमने पूरे शहर में घूम-घूम कर सब कुछ बंद करवाया, लोगों को समझाया, आग्रह किया और उन्हें भरोसे में लिया। इस दौरान कुछ लोगों को डाटना भी पड़ा हम दिन-रात लगे रहे। हमने यह भी कोशिश की कि जनता घबराए नहीं हमने सभी चीजों को राष्ट्र सेवा के तौर पर लिया। इसके लिए हमें गर्व है। हमारा एक ही मिशन था, एक ही टारगेट था- कोरोना को रोकना
 हम एक टाइम बम पर बैठे थे जिसकी चपेट में कितने भी लोग आ सकते थे। कम्युनिटी संक्रमण की भी आशंका पैदा हो गई थी।'पहले हर कोई भीलवाड़ा से डरा हुआ था अब हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है। हमें लोगों को समझाने में सफल हुए  अब वह सहयोग कर रहे हैं। वह समझ गए हैं कि जो हो रहा है उनके अच्छे के लिए हो रहा है।'
टीना का  'पहली पोस्टिंग में डेढ़ साल बाद ही यह चैलेंजिंग असाइनमेंट हैउनके लीये  यह एक लाइफटाइम अपॉचुनिटी है
वे कहती हैं  इस संकट के समय जो अनुभव हासिल कर रही हूं वो मेरे पूरे करियर में बहुत काम आएगा। ऐसे समय में लोगों की सेवा करने का मौका मिला है। यह मेरे लिए काफी गर्व की बात है।
टीना ने सिर्फ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ही नहीं बल्कि उसके बाद होने वाली IAS ट्रेनिंग में भी उन्होंने पहली रैंक हासिल की थी। इसके लिए उन्हें प्रेजिडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड मेडल से नवाजा गया था। एसडीएम टीना के सामने पहली पोस्टिंग में सिर्फ डेढ़ साल बाद ही बेहद चैलेंजिंग टास्क आया है। 
टीना डाबी को लगता है कि कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए भीलवाड़ा मॉडल देश भर के अन्य जिलों में भी लागू किया जाना चाहिए. 
अनु गुप्ता 
Pink Columnist (up)

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0