आंकलन मातृभाषा हिंदी का- Blog post by Parul Kanchan

आंकलन मातृभाषा हिंदी का- Blog post by Parul Kanchan

अपनी मातृभाषा की उज्जवलता का ज्ञान कराने के लिए उसकी गुणवत्ता ,क्षमता ,सौंदर्य का सही आंकलन करना आवश्यक है ,संसार की उन्नत भाषाओं में सबसे अधिक व्यवस्थित भाषा हमारी है , हिंदी का शब्दकोश बहुत विशाल है, लिखने के लिए प्रयुक्त देवनागरी लिपि अत्यंत वैज्ञानिक है हिंदी के मूल शब्दों की संख्या ढाई लाख से भी ज्यादा है यह दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है ।


हमारे यहां भाषा को अनुकरण, व्यवहार और अभ्यास से संस्कार के रूप में ग्रहण किया गया है ,विश्व में लगभग छः हजार पांच सौ भाषाएं हैं हर भाषा की एक अलग संरचना और विशेषता है , भारतवर्ष अपने आप में भाषाओं की विविधता का संगठन है यहां १२१ से भी ज्यादा भाषाएं बोली जाती हैं, हिंदी भाषा न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारी संस्कृति संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषण और परिचायक भी है हमारे नैतिक मूल्यों से हमारी आत्मा से जुड़ी हमारी प्राचीन और समृद्ध भाषा हमारे स्वाभिमान को सुशोभित करती है, अपनी मातृभाषा का करते हम सम्मान है हम हिंदी वाले हैं हिंदुस्तानी होने पर हमें गर्व है अभिमान है । 

#हमहिंदीवालेहैं

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