आनंद महिंद्रा ने बताया हिंदुस्तान की अन्तिम दुकान के बारे में

आनंद महिंद्रा ने बताया हिंदुस्तान की अन्तिम  दुकान के बारे में

बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर रोचक जानकारियां शेयर करते रहते हैं. कभी वे आकर्षक पर्यटन स्थलों की तस्वीरें शेयर करते हैं, तो कभी कोई दिलचस्प किस्सा साझा करते हैं।


अब उन्होंने Twitter पर हिंदुस्तान की अंतिम दुकान की तस्वीर शेयर की और वहां जाकर एक कप चाय पीने की इच्छा प्रकट की।

ये तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है।


आनंद महिंद्रा ने ट्वीट में अपने फॉलोअर्स से उनकी प्रतिक्रिया मांगी है। उन्होंने पूछा है कि क्या यह देश के सबसे शानदार सेल्फी स्पॉट में से एक नहीं है? उन्होंने दुकान का नाम हिंदुस्तान की अंतिम दुकान रखने की भी काफी तारीफ की। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि इस जगह पर एक कप चाय पीना बेशकीमती होगा?


आइए बताते हैं कहां है हिंदुस्तान की है यह अंतिम दुकान....


उत्तराखंड राज्य का एक जिला है चमोली. यह जिला चीन की सीमा के साथ लगता है. चीन के बॉर्डर से लगता इस जिले में एक गांव है. जिसका नाम माणा है. इस गांव में हिंदुस्तान की सबसे अंतिम दुकान है. यह एक फेमस सेल्फी पॉइंट है. इस दुकान पर आने वाला सैलानी इसके साथ सेल्फी लेना नहीं भूलता।


मान्यता है कि इस दुकान के बाद स्वर्ग पर जाने का रास्ता है.दरअसल, यहां के लोगों का मानना है कि माणा गांव का महाभारत से बहुत ही खास कनेक्शन है।


इस गांव का पुराना नाम मणिभद्रपुरम था. इसी जगह से पांडव सीधा स्वर्ग गए थे. बता दें कि इस गांव के मुख्य सड़क पर एक बोर्ड भी लगा हुआ है।


इस बोर्ड पर लिखा है कि माणा गांव भारत की सीमा पर आखिरी गांव है. इसी गांव में हिंदुस्तान की सबसे आखिरी दुकान स्थित है।

दुकान की खासियत यहां मिलने वाली चाय और बेहद स्वादिष्ट मैगी है. लोग इसे खाते भी हैं और फिर दुकान पर सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर अपडेट भी करते है ।


यहां से कुछ दूरी पर ही भारत और चीन की सीमा शुरू हो जाती है। बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने वाले ज्यादातर लोग हिन्दुस्तान की आखिरी दुकान तक जाते हैं।


आखिरी दुकान की और भी खासियत है। इसके बांयी ओर मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर है और दांयी ओर सरस्वती नदी का उद्गम स्थल। बताया जाता है कि सरस्वती नदी की शुरूआत यहीं से हुई थी। यहां से लोग इस नदी का पानी भरकर अपने साथ लेकर जाते हैं। चूंकि चीन सीमा के नजदीक होने के कारण पहाड़ के एक ओर से झरने के रूप में पानी आता है, इसे मानसरोवर झील का जल मानकर भी लोग अपने साथ ले जाते हैं। 


तो अगली बार अगर उत्तराखंड जाये तो एक बार आखिरी दुकान पर चाय और मैगी का स्वाद लेना ना भूले ।

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