आज़ादी उन पांच दिनों से- Blog post by Sunita Tiwari

आज़ादी उन पांच दिनों से- Blog post by Sunita Tiwari

अंशिका कमरे में बैठकर कुछ काम कर रही थी कि तभी किचेन में कुछ गिरने की आवाज आई। वह भाग कर किचेन में पहुंची। वहां मीना(मेड) बर्तन धो रही थी और उसके हाथ से कॉफी का मग फिसलकर,नीचे गिरकर टूट गया था। वह रीतेश का फेवरेट मग था। अंशिका बुरी तरह मीना पर बरस पड़ी। उसको डाँट डपटकर जब अपने कमरे में आई तो सासूमाँ ने सारा वाक्य पूछा। अंशिका के बताने पर सासूमाँ बड़े शांत स्वर में बोलीं,"बेटा!! मीना से क्रोकरी तो पहले भी बहुत बार टूटी है,पर इतना गुस्सा तुझे कभी नहीं आया...आज क्या हो गया बेटा"?


अंशिका खुद भी अपने व्यवहार पर हैरान थी। धीरे से बोली,"पता नहीं मम्मीजी आजकल मुझे क्या हो गया है..बहुत बेचैनी रहती है...नींद भी ठीक से नहीं आती और बात बात पर गुस्सा आ जाता है। कुछ समझ मे नहीं आ रहा कि क्या करूँ"!!!!

अंशिका को ध्यान आया कि आजकल वो रीतेश से भी बहुत उखड़कर बात करती है,बच्चोँ को कर सी गलती पर भी पीट देती है,जबकि किशोरवय बच्चे हैं। बहुत कोशिश करती हैं नार्मल रहने की,लेकिन उसे पता नहीं क्या हो जाता है।


अंशिका एक बेहद खुशमिज़ाज,मिलनसार और सुघड़ गृहिणी है। अपनी स्थिति देख,सासूमाँ की सलाह पर वो अपनी दोस्त नेहा जोकि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर थी,उससे बातकर, मिलने चली गयी। 


नेहा ने उसकी पूरी जांच की और फिर पीरियड्स के बारे में पूछा। अंशिका ने बताया कि पिछले एक वर्ष से उसे पीरियड्स नियमित नहीं हो रहे,जबकि प्रारंभ से उसके पीरियड्स नियत समय पर ही होते थे। लेकिन अब तो एक एक महीने के अन्तरालपर हो रहे। कभी कभी तो ब्लीडिंग भी इतनी होती है,कि बेहद कमजोरी महसूस होती है। बेचैनी,नींद न आना,चेहरे पर अधिक पसीना आने लगना, चिड़चिड़ापन...ये सब समस्याएं हैं।


नेहा ने उसको बताया कि ये प्रीमेनोपॉज़ के लक्षण हैं...तो अंशिका हैरान रह गयी। वह बोली,"अभी मेरी उम्र महज 40 वर्ष की है...अभी से"???? नेहा ने बताया कि अब तो 36 वर्ष की उम्र से ही मेनोपॉज की स्थिति आ सकती है।

आंशिका के पूछने पर,नेहा ने उसको विस्तार से समझाना शुरू कि मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति एक बहुत ही नार्मल प्रक्रिया है। इसमें मासिक- धर्म का जो चक्र है,वो बाधित हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है,क्योंकि फीमेल सेक्स के हार्मोन्स का फंक्शन उम्र के साथ कमजोर होने लगता है। अंडाशय अंडा निष्काषित करना बंद कर देता है,इसी से पीरियड नहीं होता।ये अचानक ही नही हो जाता है,ये प्रक्रिया धीरे धीरे होती है,जब महिलाओं की ओवरी या अंडाशय में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन नात्मक हार्मोन्स बनने बन्द हो जाते है।ये कोई गंभीर समस्या नहीं है। हां, अगर ब्लीडिंग ज्यादा होने लगे और पीरियड जल्दी जल्दी होने लगे तो कुछ टेस्ट जैसे कि पैप स्मीयर,सोनोग्राफी,एंडोमेट्रियल बायोप्सी,हिस्ट्रोस्कोपी,डी एंड सी जैसे टेस्ट किये जाते हैं। कारण पता चलने पर शीघ्र ही निदान भी हो जाता है"


अब अंशिका को चिंता हुई कि पीरियड्स बंद हो गए,तो बहुल जल्दी बुढापा भी आ जायेगा। नेहा हंसते हुए बोली,"पगली,ये महिलाओं का वहम है कि मेनोपॉज होते ही उनकी सेक्स लाइफ खत्म हो जाएगी या शक्ति क्षीण हो जाएगी।थोड़ा सा व्यायाम,खानपान पर ध्यान,नियमित रूप से रोजाना 30-40 मिनट तक टहलने से सब कुछ नार्मल रहता है। एस्ट्रोजनऔर प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स बन्द हो जाने से,शरीर मे कैल्शियम की कमी हो सकती है,जिससे ओस्टियोपोरोसिस की समस्या आ सकती है। जिसके लिए सोयाबीन,अलसी,और विटामिन ई को जरूर डाइट में शामिल करना चाहिये। सैचुरेटेड फैट,ऑइल, शुगर कम कर देना चाहिए। बस थोड़ा सा ध्यान....और निश्चिंत होकर स्वतंत्रता की लाइफ जियो"!!!!


अब आंशिका की समस्या का निवारण हो चुका था। वो मुस्कुराते हुए बोली,"अरे!!! मुझे उन दिनों से आज़ाद होने की बधाई तो दे"!!! नेहा ने उसे मुस्कुराते हुए गले लगाकर फुसफुसाई,"अब बिना किसी डर और रुकावट के,सेक्सलाइफ का आनंद लेना डिअर.... बस,जब तक पूरी तरह समाप्त ना हो,तबतक अपना ध्यान रखना"।


अंशिका ने अपनी प्रिय सखि और खुद से भी वायदा किया कि अब वो अपना और परिवार का पूरा ध्यान रखेगी.......आखिर वही तो अपने परिवार की खुशियों की धुरी है।



What's Your Reaction?

like
1
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0