अब मैं लेखिका मंजीता राजपूत हूँ - Cover story of our top blogger Manjeeta Rajput

अब मैं लेखिका मंजीता राजपूत हूँ - Cover story of our top blogger Manjeeta Rajput

सबसे पहले पिंक काॅमरेड टीम और सभी काॅमरेड्स का दिल से आभार।


कौन ऐसा होगा जिसे अपनी स्वयं की पहचान बनाना अच्छा नही लगता है। लेकिन हम औरतों की पहचान हम से जुडे़ रिश्तों में कही गुम सी हो जाती है। हम बस अपने पति की पत्नि और अपने बच्चो की माँ बनकर ही रह जाती है। लेकिन मैं गुम नही होना चाहती थी। मुझे स्वयं को ढूंढ़ना था।


इसके अलावा मेरे मन में बहुत सारे ऐसे सवाल, ऐसी बातें होती थी जो मैं किसी ऐसे के साथ सांझा करना चाहती थी जो मेरी बातों को समझे। इन सभी बातो का हल निकाला मैंने हाथ में कलम पकड़कर। वो कहते है न कि कलम में बहुत ताकत होती है, बिल्कुल सच है।


वैसे मेरे परिवार में लेखन से किसी का भी दूर-दूर तक कोई नाता नही है। लेकिन मुझे नही लगता कि इससे कोई भी फर्क पड़ता है।


मैं इस मंच से लगभग डेढ़ साल से जुडी़ हुई हूँ। पहले बस दूसरो के लिखे हुए ब्लोग पढ़ती थी। पढ़कर ऐसा लगता था मानों मेरे मन की ही बात लिख दी हो। फिर एक दिन हिम्मत करके मैंने भी पहली बार लघु कथा लिखी। अब बेसब्री से परिणाम का इंतजा़र था बस। आखिर परिणाम आया और मैं विजेता घोषित की गयी थी और अपने नाम के साथ जब "लेखिका" लगा हुआ देखा था।उस पल की खुशी शायद शब्दो में बयां न कर पाऊं। यह लिखते हुए भी थोडा़ इमोशनल हो गयी हूँ। हाँ अब ये हूँ मैं लेखिका मंजीता राजपूत।


तब से लिखने का सफर जा़री है। अब तो जब तक लिख न लूँ दिन पूरा नही होता। इस मंच के रूप में मुझे एक ऐसा साथी मिला है जहाँ मुझे कोई हिचक नही होती अपना दिल उडे़लने में।


अंत में बस इतना ही-

थोडी़ पहचान बना चुकी हूँ आगे की तैयारी है,

मैंने तो अपनी उडा़न भर ली है, अब आपकी बारी है।

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0