बच्चों को कहानी सुनाकर सुलाने के क्या है फायदे ?

बच्चों को कहानी सुनाकर सुलाने के क्या है फायदे ?

बीतते वक्त के साथ हम सभी की जिंदगी भागमभाग वाली जिंदगी बन गई है | टेक्नोलॉजी के आने से पूरी दिनचर्या ही बदल गई है हम सभी दिन भर घर हो या ऑफिस कामों में व्यस्त रहते हैं वहीं बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से मोबाइल हाथ में थमा दिया गया और बच्चे पढ़ाई व खेल की वजह से अब मोबाइल पर ज्यादा समय बिताते हैं | एक वह वक्त था जब हम भी कभी बच्चे थे हमारे दौर में मोबाइल नहीं था उस दौर में हमारी दादी नानी हमें रोज नई नई सीख भरी कहानियां सुनाती थी | कहानी के खत्म होते ही अगले दिन कौन सी कहानी हमारी दादी नानी सुनाएगी ?


यही जिज्ञासा जागृत होती थी | पर आज जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जा रहा है पुराना सब कुछ पुराना ही होता जा रहा है अर्थात आज के दौर दादी नानी की कहानियां ही पीछे रह गई हैं क्योंकि इसकी जगह टेक्नोलॉजी ने ले ली है |                        


सभी अब मोबाइल में व्यस्त हो गए हैं जब दादी नानी बच्चों को कहानियां सुनाकर सुलाती थी उसके कुछ अलग ही फायदे थे आज हम अपने लेख में जानेंगे कि बच्चों को कहानी सुना कर सुलाने से क्या फायदे हैं |           


1,जब दादी नानी बच्चों को कहानी सुनाना शुरू करती थींं तब उनमें नए-नए शब्दों का समावेश रहता था जिन्हें बच्चे बहुत मन लगाकर सुनते थे व उन शब्दों का अर्थ भी जानने की कोशिश करते थे अर्थात उनमें शब्दकोश का ज्ञान बढ़ता था |                                


2, कहानी सुनने से बच्चों में भावनात्मक पहलू का विकास होता है अर्थात वे अलग-अलग भावनाओं का एहसास करने में सक्षम होते हैं|                        

 3, कहानी सुनने से बच्चों में भाषा का ज्ञान बढ़ता है जो किताबों को पढ़ने में नहीं | छोटे बच्चे दादी नानी की कहानी सुनकर बोलना भी आसानी से सीख जाते थे |   


4, दादी नानी की कहानियां प्रेरणा से भरी हुई होती थी प्रेरणादायक बातें बच्चों के दिमाग में बैठ जाती है और वे भी प्रेरणादायी काम करने के लिए उत्सुक रहते हैं |     


 5, जब जब बच्चे बड़ों से कहानी सुनते हैं तब उनमें दूसरों की बातों को सुनने और समझने का गुण भी आ जाता है अर्थात कहानी सुनने से बच्चे अच्छे श्रोता भी बन सकते हैं |                                         

6, बच्चों को सुलाते वक्त कहानी सुनाने से उनमें कल्पना शक्ति का विकास होता है वह उनमें रचनात्मकता आती है उनकी सोचने एवं समस्याओं को हल करने की क्षमता भी बढ़ जाती है|                                 


7, कहानियां ना सिर्फ तनाव को कम करती हैं बल्कि याददाश्त को भी तेज करने में सहायक होती हैं साथ ही उन्हें इतिहास का भी ज्ञान होता है व बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलता है | कहानी सुनने के बाद उन्हें नींद भी अच्छी आती है जिससे उनका उनके मस्तिष्क का विकास अच्छे से होता है |         


बच्चों को कहानी सुनाकर सुलाने की प्रथा बहुत पुरानी हैं | हम भी अपने बचपन के दिनों में दादी नानी से नित नई प्रेरणा से भरी कहानियां सुनते थे और सो जाया करते थे उस वक्त हमने बीरबल , पांडव , विक्रम - बेताल आदि की कहानियां सुनी जिन से एक सीख ही मिली | कहानियां सुनने से सीख मिलती है पर आज के बदलते दौर में कहानियों का दौर भी खत्म सा हो गया बच्चे अब गैजेट्स में अपना वक्त बिता रहे हैं क्या अब वह कहानियों का दौर लौटकर नहीं आएगा ? शायद आ सकता है क्योंकि कहानियां सुनाकर बच्चों को सुलाने से अनेकों फायदे होते हैं जो हमें ज्ञात हो चुके हैं | अब आप थोड़ा सा वक्त चुराइए और रोज रात में सोने से पहले अपने बच्चों को कहानियां जरूर सुनाएं जिससे आपके व आपके बच्चे के साथ रिश्ता और मजबूत होगा |


धन्यवाद रिंकी पांडेय।            

चित्र साभार गूगल

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