चांद

चांद

ऐ चांद! देखा तुझे जब मैंने

एक झरोखे से,

तुम इतने प्यारे से लगे

जैसे हो तुम मे समाई उसकी एक तस्वीर।

सुनो, चांद तुमने भी तो किसी से मौहबत की होगी

एक बार तो बताना कैसा लगता है 

तुमको प्यार में खो जाने के बाद।

हो जाता है न दिल उदास उसका पैगाम न आने पर

करता है ना दिल उससे बातें करने को, 

देखते रहने का उस प्यारे से दोस्त को

करता है ना मन, उसको कभी सताने को

उसे तंग करने का

रोता है ना मन बेवजह के आंसू

उस से बिछड़ने के डर से।

हर एक पल में उस पल को ढूंढते रहते हैं

जब उसका ख्याल न आया हो।

हां------

लगता है तुम भी करते हो 

किसी से मौहबत

तभी तो आये हो सज-धज कर 

उसका दिदार करने,

उसे प्यार करने को।

क्या उसे पता है कि तुम उसे प्यार करते हो?

पता है अगर तो मुमकिन है वो भी तुम्हें प्यार करता होगा

तुम्हारा हर घड़ी वो इंतजार करता होगा।

न मालूम है गर उसे तो शायद वो

इस इजहार का इंतजार करता होगा

वो भी मन ही मन तुम्हारा दिलभर

तुमसे प्यार करता होगा।

                                - मेरी भावना


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