छोटे बच्चे और मां का स्पर्श

छोटे बच्चे और मां का स्पर्श

छोटे बच्चे जब भी रोते हैं मां का स्पर्श पाकर ही चुप हो जाते हैं उन्हें चुप कराने की लाख कोशिश करके देख तो लीजिए वे मां के स्पर्श व मां की गोद में आते ही चुप हो जाते हैं जिसे हर मां ने महसूस किया है | शिशु और मां के बीच यह कैसा अनदेखा संबंध है ? जी हां यह अनदेखा जरूर है पर महसूस होने वाला संबंध है छोटे बच्चे , मां को भले ही ना पहचाने पर उसके प्यार भरे स्पर्श से पूरी तरह वाकिफ रहते हैं | जब बच्चे जन्म लेते हैं तब हमारे परिवार की बुजुर्ग महिलाएं और डॉक्टर दोनों ही सलाह देते हैं कि अपने बच्चे को चिपकाकर सुलाए जिससे बच्चे का स्पर्श मां को व मां का स्पर्श छोटे बच्चे को हो यह बच्चे के लिए फायदेमंद होता है |                          


 शिशु के लिए मां का स्पर्श एक खूबसूरत उपहार जैसा होता है बच्चे को गर्माहट जरूरी होती है जो उन्हें मां के स्पर्श से मिलती है इसके बहुत से फायदे हैं कभी कभार बच्चे बहुत तेजी से सांस लेने लगते हैं या कभी स्थिति विपरीत भी हो जाती है जिससे हार्ट रेट भी कम होने लगती है मां यदि अपने बच्चे के साथ स्किन टू स्किन यदि कांटेक्ट करें तो बच्चे की सांस लेने की प्रक्रिया सही ढंग से चलने लगती है अर्थात मां और बच्चे के स्पर्श से सांस लेने की प्रतिक्रिया भी सही रूप से होगी इसके अलावा आपने देखा ही होगा कि जब मां के साथ छोटे बच्चे होते हैं तो वे कम रोते हैं क्योंकि एक बच्चे को मां के पास रहने की खुशी ज्यादा होती है इसलिए भी जरूरी है छोटे बच्चे को मां का स्पर्श ! मां के स्पर्श से छोटे बच्चे को नींद अच्छी आती है जिससे उनका विकास अच्छी तरह से होता है |         


 मां के स्पर्श से बच्चे की पाचन क्रिया सही ढंग से रहती है मां के साथ इस तरह से रहने से बच्चे की वेगल नर्व में बढ़ोतरी होती है जिससे उनकी अब्सोर्ब करने की क्षमता बढ़ती है वह उनकी पाचन शक्ति में सुधार आता है | जब मां अपने बच्चे को गोद में लेकर या बच्चे को गोद में बिठाकर खिलाती है तो बच्चे के मस्तिष्क में ऑक्सीटॉसिन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है यह हार्मोन्स सुख व संतुष्टि प्रदान करता है | मां के स्पर्श से बच्चे में ऑक्सीटॉसिन का रिसाव होता है इससे बच्चा शांत रहता है मां का स्नेह व प्यार भरा ममतामयी स्पर्श बच्चे को सुरक्षा का अहसास कराता है अतः छोटे बच्चे को मां का स्पर्श व मां की गोद अच्छी लगती है |

वही एक मां अपने बच्चे का स्पर्श पाती है व अपनी नन्ही सी जान को अपनी गोद में लेती है तब वह अपने सारी तकलीफ , पीड़ाऐं भूल जाती है बच्चे का स्पर्श मां को तनाव व अवसाद से बचाता है बच्चे का स्पर्श व बच्चे के साथ खेलना, उन्हें गोद में लेकर घुमाना आदि सभी मां की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध से यह तथ्य सामने आया है कि नवजात शिशु के अच्छे शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए मां का स्पर्श बहुत जरूरी है


शोधकर्ता भी इसी नतीजे पर पहुंचे कि शिशु अवस्था में बच्चे को गोद में लेकर खिलाना , लाड लड़ाना , घूमना ,उनसे बातें करने से उनमें भाषा व शारीरिक विकास तेज होता है | मां और परिवार के करीबी सदस्यों के साथ उनका भावनात्मक बंधन और मजबूत होता है एक तरह से देखा जाए तो बच्चे को मां का स्पर्श, मां को बच्चे का स्पर्श दोनों ही जरूरी होता है फिर चाहे बात सेहत की हो या भावनात्मक जुड़ाव की ! दोनों को ही एक दूजे का स्पर्श बेहद जरूरी होता है


धन्यवाद रिंकी पांडेय        

  चित्र साभार गूगल

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