खोखला दाम्पत्य !

खोखला दाम्पत्य !

भैया भाभी के बारे में कुछ अजीब सी उड़ती हुई खबर मिली कि दोनों अलग हो रहे हैं। मन खिन्न हो गया। शादी के इकतीस सालों बाद ऐसा फैसला ?बेचैन हो मैं भाभी को फोन लगा बैठी।”हैलो भाभी, कैसी हो आपलोग ? मिन्नी कैसी है ?आज सुबह से आपदोनों की बहुत याद आ रही थी।””बहुत अच्छा किया बेबी। तुमसब कैसी हो ? मिन्नी भी मस्त है अपने पति के साथ आस्ट्रेलिया में।”भाभी की आवाज में वो चहक नहीं थी , बहुत कम और नपातुला बोल रही थीं।”सब बढ़िया। कब आ रहे हो इंडिया ,काफी दिन हो गए ?”  “मैं अब वापस इंडिया लौट रही हूँँ, तुम्हारे भैया का नहीं कह सकती। चलो , फिर बात करूँगी। बाय “”अरे, ऐसा कैसे आपको भैया के बारे में नहीं पता ? साथ ही आ रहे हो न ?” मैंने उनकी बात को जबरदस्ती दुहराया।”बेबी, हम दोनों ने अलग होने का फैसला लिया है।

हम ‘तलाक’ ले रहे हैं।”भाभी ये क्या बोल रही हो ? सोचा भी है कुछ ? अब उम्र के इस पड़ाव पर ऐसा कदम ? हम सब कैसे बर्दाश्त करेंगे ये सब ? आप दोनों हम भाई बहनों के आदर्श हो! मेरी प्यारी बेबी, तुम सबसे कहाँ अलग हो रही हूँ ! बस तुम्हारे भैया से दूरी है। मैं हमेशा तुम सबके साथ हूँ। इंडिया आते ही मिलती हूँ। ज्यादा चिंता नहीं करना …बाय।”भैया शुरू से मुखर और आकर्षक व्यक्तित्व की पत्नी की कल्पना करते थे। ‘कल्पना’ के रूप में उनकी ‘कल्पना’ साकार तो हुई ,पर यथार्थ के धरातल पर अधिक समय तक टिक नहीं पाई।धीरे -धीरे भैया भाभी के स्वभाव और विचारों के मतभेद उजागर होने लगे। लेकिन जिंदगी की गाड़ी मद्धम गति से चलती रही। 


पिछले दो साल से भैया भाभी लंदन शिफ्ट हो गए हैं। बेटी की भी शादी हो गई जो तीसरे महाद्वीप आस्ट्रेलिया में सेटल है। माँ सच ही कहा करती थी , तुम्हारा भाई सबसे अलग है । आज इस खबर ने इस बात की और पुष्टि कर दी, वरना कोई सामान्य व्यक्ति भला ऐसा कठोर कदम उठा सकता है ? जीवन का एक एक कार्य पूर्ण नियोजित और संतुलित, मानो दिमाग में हर चीज का खाका पहले से खींच रखा हो कि कब क्या और कैसे करना है। ये विस्फोट भी उसी प्लानिंग का नमूना प्रतीत हो रहा था। भाभी जितना ही खुद को भैया के अनुरूप ढ़ालने का प्रयत्न करती ,भैया उतना ही चिढ़ जाते। पर , सहनशक्ति भी एक सीमा तक ही होती है ।

एक जीवनसाथी के रूप में भैया कभी खरे नहीं उतरे। वे कुशल नट की तरह जिंदगी की कलाबाजियां दिखाते और भाभी से भी वैसे ही खेल की उम्मीद रखते। मनचाहा परिणाम नहीं मिलने पर भाभी को तिरस्कृत और अपमानित करते। भैया एक आदर्श बेटा, भाई, पिता , अधिकारी सब बने पर आदर्श पति नहीं बन पाए। 


 मैंने झट से भाभी को मैसेज किया ……आप चिंता मुक्त होकर इंडिया आएँ, हम सब आपके साथ हैं। आगे हम देख लेंगे हमें क्या करना है।


तिन्नी श्रीवास्तव

मौलिक व स्वरचित बंगलोर।

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