#फ्राइडे क्वीन -चटनी ,कहानी या सच?

चटनी.....नहीं,नहीं.... मैं किसी खाने वाली, हरी चटनी या इमली की चटनी बात नहीं कर रही हूँ । यह एक हिंदी शॉर्ट फिल्म का नाम है जो सिर्फ 17 मिनट की ही है। यह तीन -चार साल पुरानी शॉर्ट फिल्म है जो आपको यूट्यूब पर आसानी से मिल जाएगी। इसमें मुख्य भूमिका टिस्का चोपड़ा की है और साथ में है रसिका दुग्गल तथा अन्य पुरुष कलाकार। अभिनय की दृष्टि से कहूँ तो सभी का अभिनय बेजोड़ है। टिस्का चोपड़ा ने बहुत ही शानदार और जीवंत अभिनय किया है। एक स्त्री, दूसरी स्त्री को अपने पति से दूर रहने की चेतावनी देते हुए और अपने नौकर को भी परोक्ष रूप से समझाते हुए कितने नाटकीय अंदाज में सभी बातें बताती है वह देखने लायक है। एक पल के लिए आपको लगेगा कि क्या वह सच बोल रही है? या वह कहानी गढ़ रही है। पर आप उस कहानी में खो जाते हैं।


कहानी शुरू होती है बहुत ही साधारण तरीके से लेकिन फिर घटनाक्रम में बहुत से मोड़ आते जाते हैं और एक दर्शक के तौर पर आपकी दिलचस्पी और बढ़ती जाती है। कहानी की मुख्य पात्र टिस्का चोपड़ा है जो अपनी कहानी द्वारा एक तीर से कई निशाने साधती है।


यदि आप प्रेम कहानियों या सास बहू सीरियल देखने से इतर कुछ और देखना चाहते हैं वह भी सिर्फ 17 मिनट में तो यह है शॉर्ट फिल्म आपके लिए है। हाँ....पारंपरिक तरीके के टीवी कार्यक्रम देखने वाले लोग शायद इसे पसंद ना करें।


पर एक अच्छी पटकथा, साधा हुआ निर्देशन, और जीवंत अभिनय इन सब से एक कहानी एक सशक्त महिला के किरदार को उजागर करती है।


इस फ़िल्म का नाम चटनी क्यों है यह आपको इसे देखकर समझ आ जाएगा । हाँ , बच्चों के साथ यह फिल्म न देखें। मुझे लगता है इस छोटी सी फ़िल्म की समीक्षा कुछ ज्यादा ही बड़ी हो गई, न्यूनतम शब्द सीमा के कारण..इसके लिए क्षमा करें।?


धन्यवाद 

रितु अग्रवाल

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