गृहणी मतलब अयोग्य?? # 7दिन 7ब्लॉग्स चैलेंज

 गृहणी मतलब अयोग्य?? # 7दिन 7ब्लॉग्स चैलेंज

घर के लिए समर्पित महिला को गृहणी शब्द से परिभाषित किया जाता है यानी कि वो महिला जो उन कार्यों को विकसित करने के लिए जिम्मेदार है जो घर के दैनिक संचालन के लिए आवश्यक हैं ...


क्या आपने कभी सोचा है कि जो स्त्री गृहकार्य में दक्ष है और अच्छे से घर चलाती है वो गृहणी क्यों कहलाती है??

क्या गृहणी का अर्थ कम शिक्षित या नौकरी के लिए अयोग्य होना है??


आइए मैं आपको स्वयं महिलाओं द्वारा गृहणी शब्द की परिभाषा को गलत रूप में समझ,इस शब्द का अपमान करने की कहानी सुनाती हूँ।


संध्या और सरिता दोनों पड़ोसी होने के कारण एक दूसरे की दोस्त बनी थीं,बोलचाल में तेज़-तर्रार सरिता एक कंटेंट राइटर थी जिसकी भाषा पर पकड़ अच्छी थी।दूसरी ओर संध्या उच्च-शिक्षित गृहणी थी,जो घर के कार्यों को बखूबी करती थी वो जितनी पढ़ी-लिखी थी उतनी ही मितभाषी थी।


सरिता का स्वभाव ऐसा था कि वो कभी भी किसी को भी गलत कह देती थी और खुद को हमेशा सही ही मानती थी,मन करता तो घंटो आकर बातें करती और कभी देख कर भी अनदेखा कर देती।कोरोना की वजह से कामवाली बाई भी नहीं आ रही थी,सभी को अपना काम खुद ही करना पढ़ रहा था इसलिए दोनों का साथ में उठना बैठना कम हो गया।


सरिता तो अक्सर अपनी दूसरी सहेलियों से मिलती थीं पर संध्या बच्चों की पढ़ाई,घर के काम के कारण घर से कम ही निकलती थी,सो सरिता की दोस्ती अपनी दूसरी सहेली पूजा से ज्यादा गहरी हो गयी या यूँ कहिए कि संध्या के खिलाफ दोनों एक हो गईं।


एक दिन संध्या अलमारी की सफाई कर रही थी तब उसे अपनी पढ़ाई और जॉब एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट्स की फ़ाइल दिखी जिसको देखने की अब ज़रूरत और फुर्सत दोनों ही नहीं थी।संध्या एक-एक सर्टिफिकेट और डिग्री को निकाल कर ऐसे देखने लगी जैसे छोटे बच्चे अपने पुराने खिलौनों और कपड़ों को बड़े प्यार से देखते हैं।इतने में उसकी बेटी और सरिता का बेटा जो दूसरे कमरे में खेल रहे थे ना जाने कब आकर उन सर्टिफिकेट्स को देखने लगे।


"अरे वाह मम्मी! आप तो बहुत इंटेलीजेंट थीं....कितने अच्छे मार्क्स लाती थीं आप पढ़ाई में।"

ये संध्या की बेटी श्रिया की आवाज़ थी जो अभी पांचवी क्लास में पढ़ती थी।श्रिया की आवाज़ सुनकर संध्या जैसे अपने स्वप्नलोक से बाहर आई और बोली,

"हाँ बेटा,मैं सचमुच बहुत इंटेलीजेंट थी और हमेशा क्लास में फर्स्ट आती थी।"

संध्या नें जवाब दिया।

सरिता का बेटा तन्मय जो चौथी वलास में पढ़ता था संध्या की इंजीनिरिंग की डिग्री सर्टिफिकेट देखते हुए बोला,

"आंटी आप तो सचमुच ही इंजीनियर हैं...."तन्मय हैरानी भरे लहज़े में बोला।

"सचमुच से तेरा क्या मतलब है?" श्रिया चिढ़ते हुए बोली।

"एक दिन मेरी मम्मी और पूजा आंटी आपके बारे में बातें कर रहे थे,तब मेरी मम्मी बोली कि कहती तो है कि इंजीनियर है फिर नौकरी क्यूँ नहीं करती.... इंजीनियर होकर कोई गृहणी बन घर के सारे काम थोड़े ही करता है।झूठ ही बोलती होगी।"

भोले तन्मय नें बड़े आराम से सब बता दिया।तभी श्रिया नें बड़ी उत्सुकता से पूछा,

"मम्मी गृहणी क्या होती है।??"

संध्या अपनी बेटी का सवाल सुन बोली,

"बेटा, गृहणी वो होती है जो घर के हर कार्य को ही दक्षता से नहीं करती अपितु हर क्षेत्र और कार्य को निपुणता से करने में सक्षम होती है,वो कम शिक्षित है या उच्च-शिक्षित,इससे उसकी योग्यता और दक्षता को कम नहीं आंका जा सकता।"


संध्या नें शादी के बाद नौकरी नहीं की थी,अपने बच्चों को खुद ही पढ़ाती थी,घर के काम करने में भी निपुण थी।आज उसे लगा सरिता जो एक अच्छे पद पर नौकरी करती है और खुद को बहुत योग्य समझती है वो स्त्रियों के प्रति इतनी छोटी सोच रखती है।

अपनी पढ़ाई लिखाई का प्रमाण क्या अपने दोस्तों को भी देना होता है....पढ़-लिखकर नौकरी करने की बजाय अगर घर और बच्चों को प्राथमिकता दी जाए तो क्या योग्यता शून्य हो जाती है....


क्या गृहिणी का अर्थ अयोग्य होना है?

क्या उच्च-शिक्षित स्त्री घर-बच्चों की जिम्मेदारी संभालने को प्राथमिकता दे और नौकरी ना करे तो उसे गृहिणी कहकर,गृहिणी शब्द और उसकी परिभाषा पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया जाए??


तन्मय तो बच्चा था इसलिए उसका अबोध मन अपनी माँ की छोटी सोच से वाकिफ नहीं था और वो अनजाने ही सब कुछ बता गया।तन्मय की बात सुनकर संध्या अचंभित थी कि कैसे स्वयं एक स्त्री अपनी गृहणी दोस्त को अयोग्य समझती है।

गृहणी का योगदान केवल घर तक सीमित नहीं होता,पढ़ी-लिखी गृहणी घर-बच्चों के साथ-साथ कई अन्य कामों में पति की सहायता करती है पर सरिता जैसी स्त्रियां खुद अपनी स्त्रीजाति को अपमानित करती हैं।

पूरा घर आजीवन जिसका ऋणी रहता है वो ही तो गृहणी है फिर वो तुच्छ कैसे हो सकती है!!!


ऐसे दोस्तों से बेहतर है स्वयँ का ही दोस्त बनना,अपने गुणों को निखारना,अपने बच्चों और परिवार को अधिक समय देना और गृहणी होने पर स्वयं को तुच्छ ना समझना बल्कि गर्वित होना!


हो सकता है आप सभी में से भी कुछ नें शायद गृहणी होने पर लोगों द्वारा इस तरह के कटाक्ष अपने लिए सुने होंगे।आप सभी की गृहणी की क्या परिभाषा और अर्थ है कृपया कमेंट के जरिये सांझा अवश्य करें।??

                       

-अदिति पाराशर-

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