गायत्री मंत्र का महत्व और शारीरिक स्वास्थ......

गायत्री मंत्र का महत्व और शारीरिक स्वास्थ......


गायत्री मंत्र के जाप में है कई बीमारियों का रामबाण इलाज गायत्री मंत्र आपके शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर बहुत अच्‍छा प्रभाव डालता है,आज हम आपको बताएंगे कि गायत्री मंत्र से सेहत को क्‍या लाभ है.


हमारे हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र का बहुत महत्व है और लगभग हर कोई गायत्री मंत्र से परिचित है गायत्री मंत्र में बड़ी अनोखी शक्ति होती है। गायत्री मंत्र हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना गया है.इसका जाप करने से आपको मानसिक शांति के साथ-साथ अच्‍छी सेहत भी मिल सकती है, ज्‍यादातर लोगों का मानना है कि गायत्री मंत्र बोलने से घर में सब शुभ होता है.बेशक ऐसा होता होगा,मगर गायत्री मंत्र सुख के साथ आपको अच्‍छी सेहत भी देता है.यह बात बहुत कम लोग जानते हैं। चार वेदों और 24 शब्‍दांशों से मिल कर बना गायत्री मंत्र आपके शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर बहुत अच्‍छा प्रभाव डालता है,आज हम आपको बताएंगे कि गायत्री मंत्र से सेहत को क्‍या लाभ मिलते है


गायत्री मंत्र क्या है--


"ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्"


गायत्री मंत्र का अर्थ


इस मंत्र का अर्थ होता है क‍ि "सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, परमात्मा का वह तेज हमारी बुद्धि को सत्य की राह पर चलने के लिए प्रेरित करें.


आइये अब जानते हैं गायत्री मंत्र के हमारे स्वास्थ्य पर कुछ लाभ---


दिमाग शांत होता है


आजकल की व्‍यस्‍त जीवन शैली में हर कोई तनाव से घिर चुका है. महिलाओं में तनाव ज्‍यादा है, क्‍योंकि महिलाएं दोहरी जिम्‍मेदारियां निभा रही हैं अगर कभी उन्‍हें घर के काम का तनाव होता तो कभी ऑफिस के काम का। ऐसे में उनका मन कभी शांत नहीं रहता है। अगर आपके साथ भी ऐसा है तो आपको गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए.गायत्री मंत्र की शुरुआत में ही ओम शब्‍द होता है इसे बोलने से जो वाइब्रेशन होंठों, जीभ और सिर तक पहुंचती है वह दिमाग को शांत करती है, जिससे ब्रेन रिलैक्सिंग हार्मोंस को रिलीज करता है. इतना ही नहीं गायत्री मंत्र में इस्‍तेमाल किए गए शब्‍दों को उच्चारण से कॉन्‍सट्रेशन पावर बढ़ती है। 


इम्युनिटी में सुधार होता है


गायत्री मंत्र के उच्‍चारण से जीभ, होंठ, वोकल कॉर्ड पर प्रेशर पड़ता है, जिसे इसकी वाइब्रेशन ब्रेन तक पहुंचती हैं और ब्रेन ह्यपोथालामूस ग्‍लैंड्स को स्‍टीमयूलेट करता है। यह ग्‍लैंड कई बॉडी फंक्‍शन को कंट्रोल करती है और इसी के साथ इम्युनिटी को भी रेग्‍यूलेट करती है। गायत्री मंत्र के उच्‍चारण से बॉडी और भी अच्‍छी तरह से सारे फंक्‍शंस कर सकती है, यह ग्‍लैंड ब्रेन से हैप्‍पी हार्मोंस को रिलीज करने में भी काफी इफेक्टिव होती है। यही हार्मोंन बॉडी के लिए सबसे ज्‍यादा इफेक्टिव होता है इसलिए खुश रहना है तो आपको ये काम रोज करना चाहिए। यानि आपके लिए जरूरी है कि रोज गायत्री मंत्र का उच्‍चारण करें, इसके अलावा शरीर में मौजूद सारे चक्र भी गायत्री मंत्र के उच्‍चारण से एक्टिव हो जाते हैं इससे आपकी बॉडी को एनर्जी मिलती है और शरीर बीमारियों से मुक्‍त रहता है.


कॉन्सनट्रेशन और याददाश्त अच्‍छी होती है


एक रिचर्स मे तो गाय‍त्री मंत्र के उच्‍चारण से जो वाइब्रेशन होती है उससे चेहरे और सिर पर मौजूद तीन चक्र थर्ड आई, थ्रोट और क्राउन चक्र सबसे पहले एक्टिव होते हैं। ये तीन चक्र मनुष्‍य को कॉन्‍सनट्रेशन बढ़ाने में मदद करते हैं .


दिल को स्‍वस्‍थ रखता है


ब्रिटिश मेडिकल जर्नल मे एक स्‍टडी के मुताबिक गायत्री मंत्र केवल लंग्‍स की सेहत के लिए ही अच्‍छा नहीं होता बल्कि यह हार्ट बीट्स को सिक्रोनाइज और रेगयूजराइज भी करता है। इससे आप को दिल से जुड़ी बीमारी होने की संभावनाएं कम हो जाती.

 

त्‍वचा पर आती है चमक 


इस मंत्र के उच्‍चारण से चेहरे पर मौजूद वाइटल प्‍वाइंट्स स्टिम्‍यूलेट हो जाते हैं,जिससे चेहरे पर ब्‍लड का बहाव तेज हो जाता है और त्‍वचा में मौजूद टॉक्सिन निकल जाते हैं. इसकी अलावा डीप ब्रीदिंग से त्‍वचा को ज्‍यादा ऑक्‍सीजन मिलता है, जो आपकी त्‍वचा को यंगर और ग्‍लोइंग दिखाता है। 

 

डिप्रेशन से रखता है दूर 


एक रिसर्च में पता चला की गायत्री मंत्र के उच्‍चारण से डिप्रेशन जैसी बीमारी भी नहीं होती है। यह मंत्र वेगस नर्व्‍स के फंक्‍शन को स्टिम्‍यूलेट करता है। जब किसी व्‍यक्ति को डिप्रेशन की समस्‍या हो जाती है तो मेडिकल इलाज के दौरान उसकी इसी नर्व्‍स को स्टिम्‍यूलेट करने का ट्रीटमेंट चलता है,इस मंत्र की वाइब्रेशन बॉडी से एडोरफिंस और रिलैक्सिंग हार्मोंस को रिलीज करती है जिससे डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है......

What's Your Reaction?

like
2
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0