हनीमून सिस्टिटिस क्या है ? इससे कैसे बचें ?

हनीमून सिस्टिटिस क्या है ?  इससे कैसे  बचें ?


शादी दो प्यार भरे अरमान भरे दिलों का मिलन और जन्म जन्मांतर के लिए बाँधने वाला बंधन है। दो अन्जान लोगों का सफ़र शादी की पहली रात से शुरू होता है। दोनों के मन में डर, शर्म, संदेह और कई सारी भावनाएं उमड़ रही होती है। शादी वाला घर मेहमानों और परिवार वालों से भरा होता है ऐसे में दूल्हा दुल्हन को एक दूसरे के साथ सहजता और समय देने के लिए ही शायद हनीमून पर जाने का रिवाज़ किसीने बनाया होगा।

पहले मिलन, पहले सेक्स के साथ शरीर में कुछ अलग भी हो सकता है।


जैसे हनीमून सिस्टिटिस, ये सिस्टिटिस तब होता है जब कोई लड़की या स्त्री पहली बार या समय की अवधि के बाद सेक्स करती है। खासकर शादी के बाद कई लड़कीयों को इस संक्रमण का सामना करना पडता है, जिसे हनीमून सिस्टिटिस कहते है।

पर कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो सिस्टिटिस से बच सकते है। सेक्स ख़त्म होते ही सिर्फ़ कपड़े से सफ़ाई करना गलत है, वाॅशरूम में जाकर गुप्तांग को पानी से अच्छी तरह से धोना चाहिए और नैपकिन या टावेल से सूखा लेना चाहिए ताकि बैक्टीरिया को पनपने का मौका न मिले। newly married couples में सेक्स के नये नये आसन को लेकर उत्खासकता होती है पर खासकर गुदा मैथुन से बचें। जितनी सावधानियां बर्तोगे उतना सिस्टिटिस से दूर रहोगे।


और भी कई तरीकों से सिस्टिटिस से बच सकते है हाइड्रेटेड रहकर, सेक्स के ठीक बाद पेशाब करके हनीमून सिस्टिटिस से बचें। अगर हनीमून सिस्टिटिस संक्रमण हुआ है तो इसका एंटीबायोटिक दवाओं से इलाज कर सकते है, जो आम तौर पर 3 दिनों के भीतर अधिकांश संक्रमणों को दूर करता है।


कभी-कभी अपने आप 48 घंटे में खुद भी ठीक हो सकता तो इंतजार करके देख सकते है कि क्या संक्रमण अपने आप साफ ठीक जाता है, हालांकि यह एंटीबायोटिक दवाओं की तुलना में कम विश्वसनीय है।

हनीमून सिस्टिटिस यौन क्रिया के कारण होने वाला सिस्टिटिस है जिसके लक्षण सेक्स के अलावा किसी अन्य चीज से उत्पन्न होने वाले सिस्टिटिस के समान ही है। जिसके लक्षण है पेशाब करते समय जलन और साथ ही बार-बार बाथरूम जाने की इच्छा होना। सेक्स के दौरान, आपके गुदा के आसपास की त्वचा पर रहने वाले ई.कोलाई बैक्टीरिया आपके मूत्रमार्ग में स्थानांतरित हो सकते है, जैसे की आपके साथी की उंगलियों या लिंग के माध्यम से। लगभग सभी महिलाओं में से आधी को अपने जीवन में कम से कम एक बार सिस्टिटिस हो जाता है। हालांकि, हनीमून सिस्टिटिस केवल 4% मामलों में मूत्राशय के संक्रमण का कारण बनता है। हनीमून सिस्टिटिस युवा महिलाओं में अधिक आम है, कई लोग मानते है की कंडोम ऐसे संक्रमण से बचा सकता है पर कंडोम को को हनीमून सिस्टिटिस से कोई सुरक्षा प्रदान करने के लिए नहीं जाना जाता है।

एक बात ये है की पुरुषों को हनीमून सिस्टिटिस क्यों नहीं होता?


महिलाओं को मूत्राशय के संक्रमण का खतरा बहुत अधिक होता है, क्योंकि उनका मूत्रमार्ग पुरुष मूत्रमार्ग की तुलना में बहुत छोटा होता है, जिससे ई. कोलाई बैक्टीरिया का मूत्राशय तक पहुंचना आसान हो जाता है। अधिक गंभीर अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हुए बिना पुरुषों को आमतौर पर हनीमून सिस्टिटिस नहीं होता है।

आप कई तरह से मूत्राशय के संक्रमण को रोक सकते है खूब सारा पानी पिएं, नारियल पानी भी अधिक मात्रा में लें ताकि ज़्यादा बाथरूम जाने से संक्रमण होने का खतरा कम हो जाए। सेक्स के ठीक बाद पेशाब करने से मूत्रमार्ग में आने वाले किसी भी बैक्टीरिया से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।


पर बहुत अधिक कॉफी, सोडा और फलों का रस (जैसे साइट्रस) पीने से बचना चाहिए जो आपके मूत्राशय को परेशान कर सकते हैं। आप नियमित रूप से क्रैनबेरी जूस पी सकते है, क्योंकि ये बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों से चिपके रहने से रोककर सिस्टिटिस से बचा सकता है।

यदि आप बार-बार होने वाले मूत्राशय के संक्रमण से पीड़ित हैं, तो आपको भविष्य में होने वाले संक्रमणों को रोकने के लिए कई महीनों तक ली जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स कर लेना चाहिए। सिस्टिटिस के लिए निर्धारित कोर्स पूरा करें, अन्यथा संक्रमण वापस आ सकता है।

संभोग के बाद सिस्टिटिस को रोकने के लिए मूत्रमार्ग में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया को दूर करने के लिए संभोग के बाद पेशाब करें। आंतों के बैक्टीरिया को मूत्रमार्ग में लाने से बचने के लिए आगे से पीछे पोंछना भी याद रखें। हर दिन कम से कम 1.5L पानी पिएं।

योनि के सूखेपन के मामले में लोशन लगाएं और झिल्ली की जलन से बचने के लिए पानी का उपयोग करें।


कुछ बातों के साथ सफ़ाई का पूरा ध्यान रखने से शादी के बाद हनीमून का पूरा मजा ले सकते है।

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