हिंदू धर्म में फाल्गुन मास क्यों है खास ?

हिंदू धर्म में फाल्गुन मास क्यों है खास ?

माघ पटा गओ री...ओ री सखी 

अब फागुन आयो री।

मन उल्लास भरो, तन मोरा हर्षायो री। 

फाल्गुन का महीना खुशियों व उल्लास का प्रतीक माना जाता है। 

हिन्दू पंचांग का आखिरी महीना होता है फागुन, इसके बाद हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। फाल्गुन माह में दो महत्वपूर्ण पर्व आते हैं, जो हिंदू धर्म में अपना खास महत्व रखते हैं। 
इस बार फाल्गुन मास 17 फरवरी से 18 मार्च तक रहेगा।

फाल्गुन महीने में ही पतझड़ के बाद वसंत आता है। जिससे प्रकृति में सकारात्मक बदलाव होने लगते हैं। जो मन को भाते हैं। वसंत ऋतु काल सेहत के लिए बहुत अच्छा समय माना गया है। आयुर्वेद का कहना है कि इस मौसम में ही शरीर में ताकत बढ़ती है। साथ ही शरीर के तीन दोष यानी वात, पित्त और कफ में बैलेंस बना रहता है। इसलिए फाल्गुन को सुखद महीना भी कहा जाता है।

फाल्गुन माह की चतुर्दशी के दिन शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का पौराणिक मान्यता अनुसार इसी दिन से सृष्टि का प्रारंभ भी माना गया है. इस शुभ दिन में महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. वर्षभर में आने वाली 12 शिवरात्रियों में से फाल्गुन मास में आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के नाम से भी पुकारा जाता है और यह सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फाल्गुन में ही चन्द्रमा का जन्म भी हुआ था, अतः इस महीने में चन्द्रमा की भी उपासना होती है।

शास्त्रोक्त मान्यता है कि फाल्गुन मास की पूर्णिमा को महर्षि अत्रि और देवी अनुसूया से चंद्रमा की उत्पत्ति हुई थी। इस कारण इस दिन चंद्रमा की विशेष आराधना कर चंद्रमा से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की जाती है।

फाल्गुन के महीने में भी दान का बहुत महत्व होता है. ऐसे में व्यक्ति को श्रद्धानुसार गरीबों को उनकी जरूर के हिसाब से दान देना चाहिए।

मान्यताओं के अनुसार, जो लोग रोग से मुक्ति पाना चाहने हैं वे फाल्गुन के माह में भगवान शिव को सफेद चंदन का टीका लगाकर रोगमुक्त हो सकते हैं। साथ ही जिन लोगों के पास पैसों की कमी हैं वे फाल्गुन के माह में मां लक्ष्मी की पूजा करके आर्थिक स्थिति ठीक कर सकते हैं।

फाल्गुन महीने में श्री कृष्ण की पूजा उपासना विशेष फलदायी होती है।
इस महीने में बाल कृष्ण, युवा कृष्ण और गुरु कृष्ण तीनों ही स्वरूपों की उपासना की जा सकती है।
 संतान के लिए बाल कृष्ण की पूजा करें।
प्रेम और आनंद के लिए युवा कृष्ण की उपासना करें।
ज्ञान और वैराग्य के लिए गुरु कृष्ण की उपासना करें।

फाल्गुन में प्रेम और आध्यात्म का पर्व होली भी मनाई जाती है।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर दी गई है।

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