हिंदू धर्म में क्यों लगाते हैं मस्तक पर तिलक ?

हिंदू धर्म में क्यों लगाते हैं मस्तक पर तिलक ?

हिंदू धर्म में माथे पर तिलक लगाने की परंपरा आज से नहीं बल्कि अनादि काल से चली आ रही है यह सामाजिक ,धार्मिक व आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है | माथे पर तिलक व्यक्ति को एक गरिमा प्रदान करता है साथ ही मन मस्तिष्क को शीतलता व शांति प्रदान करता है | माथे पर तिलक शरीर की पवित्रता की परिचायक भी माना जाता है इसे स्नान करने के बाद ही लगाया जाता है |


 प्राचीन रिवाज व शास्त्र अनुसार माना जाता है कि मनुष्य के मस्तक के मध्य में भगवान विष्णु का निवास होता है और तिलक भी ठीक इसी स्थान पर इस भाव से लगाया जाता है कि हमारा मस्तिष्क ऊँचा रहे | हिंदू धर्म में किसी भी पूजा , पाठ , यज्ञ , अनुष्ठान आदि का शुभारंभ श्री गणेश भगवान की पूजा से आरंभ होता है उसी प्रकार मस्तक पर तिलक लगाए बिना कोई भी पूजा पाठ आरंभ नहीं होता | धर्म मान्यता अनुसार सूने मस्तक को अशुभ व असुरक्षित माना जाता है |                             

 

 माथे पर तिलक हल्दी, कुमकुम, चंदन , भस्मी आदि का लगाया जाता है | तिलक लगाना शुभ भी माना जाता है | मस्तक पर जिस स्थान पर टीका या तिलक लगाया जाता है उस भाग को आज्ञाचक्र कहा जाता है शरीरशास्त्र के अनुसार पीनियल ग्रंथि का स्थान होने की वजह से जब पीनियल ग्रंथि को उद्दीप्त किया जाता है तो मस्तक के अंदर एक तरह के प्रकाश की अनुभूति होती है | हिंदू धर्म में स्त्रियां लाल कुमकुम व तिलक लगाती हैं लाल रंग ऊर्जा एवं स्फूर्ति का प्रतीक होता है | तिलक स्त्रियों के सौंदर्य में अभिवृद्धि करता है |

तिलक लगाना देवी की आराधना से भी जुड़ा होता है तिलक देवी के आशीर्वाद का भी प्रतीक माना जाता है | तिलक हमेशा मस्तक पर ही लगाया जाता है इसका कारण यह भी है कि हमारे शरीर में सात छोटे ऊर्जा केंद्र होते हैं तिलक को मस्तक के बीचो-बीच इसलिए लगाया जाता है कि हमारे मस्तिष्क के बीच में आज्ञाचक्र होता है जिसे गुरुचक्र भी कहा जाता है | यह जगह मानव शरीर का केंद्र स्थान है यह एकाग्रता और ज्ञान से परिपूर्ण है |                                     

  गुरु चक्र को बृहस्पति ग्रह का केंद्र माना जाता है बृहस्पति सभी देवों का गुरु होता है अतः इसे गुरु चक्र कहा जाता है | माथे पर लगा हुआ तिलक हिंदू धर्म संस्कृति में एक पहचान चिन्ह का काम करता है | तिलक केवल धार्मिक मान्यता के अनुसार ही नहीं लगाए जाते इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है इसी वजह से पूजा-पाठ ,शुभ आदि कार्यों में हिंदू धर्म में मस्तक पर तिलक लगाया जाता है


धन्यवाद| रिंकी पांडेय


चित्र साभार गूगल

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