The Pink Comrade

माँ को बयां करती बॉलीवुड की 5 खूबसूरत कहानियां

1- मदर इंडिया (1957 ): महबूब खान निर्देशित मदर इंडिया की राधा (नरगिस दत्त ) त्याग और समर्पण की मूर्ति हैं | लेकिन इस माँ के अंदर की औरत उसे अपने औलाद के प्यार की वजह से सही और गलत में फर्क करने से नहीं रोकती हैं...

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मां जननी है सर्वश्रेष्ठ

मां जननी की इस दुनिया में, नही है कोई मिसालउदर में रखा नौ मास , पूछो न प्रसव पीड़ा का हालगिरते हुए उठाया उसने थामा मेरा हाथपंख दिए मेरे सपनों को पल - पल रखा ध्यानमां जननी की इस दुनिया में, नही है कोई...

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भारतीय दर्शक का हक़ : मंडेला

जहाँ राधे जैसी मूवीज , भारतीय दर्शक को पीछे ले जाने का काम करती हैं वही तुम्बाड़ जैसी मूवीज, हमें हमारी कहानियों और कथाओ के प्रति हमारा सम्मान और बढ़ाती हैं | जहाँ राधे जैसी मूवीज आपको कुंठित करती हैं वही तुमबाड़ जैसी कहानियां...

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लोकतंत्र में लोक की महत्ता ?

वैश्विक महामारी के बीच जहाँ विश्व की कई सरकारे अपने नागरिकों को चिकत्सीय सुविधाएं और गुजर बसर के लिए मुआवजा देने की जुगत में हैं वही पर भारत जैसे महान देश की कुछ महान प्रदेश की सरकारें , नागरिकों को इस बुरे समय की आधारभूत सहूलियत...

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#मेरीमां

"तेरे जैसी मां कहाँ से लाऊँ , तेरे जैसी मां कहां से लाऊँ,तेरी गुणों का उल्लेख मैं कैसे कर पाउँ,कोई शब्द नहीं तेरी ममता के लिए =2,फिर तेरी ममतामयी रूप का गुणगान मैं कैसे गाऊं,तू ही बता दें मुझे मैं तेरे जैसी...

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मां

सीने से लगा जो हर घड़कन में छिपी बात को अपने शिशु की समझ लेती हैं,उस मां को में क्या शब्दों में बयां करूं,जो शब्दों के सार को एक पल में समझ लेती है,मां की महिमा उस ख़ुदा से भी महान हैं,जिसने यह संसार...

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मदर्स डे का तोहफ़ा

माँ -ईश्वर द्वारा रची एक ऐसी ममतमायी रचना जिसका कोई विकल्प नहीं है ।कहते हैं ईश्वर ने माँ को अपना दूसरा रूपबताया है ।मेरी माँ दुनिया की सबसे अच्छी माँ है ,मुझे बस इतना पता था ।मैं माँ -पापा की इकलौती संतान थी ।माँ -पापामेरी...

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'मेरी हर मुश्किल की चाबी-मेरी माँ'

कहने को तो ये सिर्फ एक छोटा सा शब्द है माँ। मगर ये छोटा सा सुंदर लफ़्ज़ अपने अंदर सारी कायनात की ममता, प्यार और खुशियाँ को समेटे हुए दुनिया का सबसे बेहतरीन और खूबसूरत रिश्ता बन जाता हैं।वो माँ ही होती है, जो एक...

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#मेरी माँ:मेरा नज़रिया बदल गया...

उस समय माता-पिता का,बच्चों के प्रति लाड़ जताने का तरीका थोड़ा अलग था।मम्मी ने कभी मुझे गले से नहीं लगाया,न ही कभी मेरी तारीफ़ की और मेरी किसी सहेली की माँ को भी मैंने ऐसा करते नहीं देखा था।शायद स्नेह जताने में एक झिझक रहती थी।(और...

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शादीशुदा बेटे की विडंबना को समझो

शायद इस विषय के बारे में कोई सोच भी नहीं रहा। हर विषय, हर किरदार पर लिखा गया है पर शादीशुदा बेटे कि हालत और मन:स्थिति को शब्दों में ढ़ालना आसान नहीं। ये एक ऐसा किरदार है जिस पर दोगुनी जिम्मेदारी होती है। बेटा खुद को माँ-बाप का...

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