The Pink Comrade

करवाचौथ स्पेशल -वीकेंड राइटिंग चैलेंज

24 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। करवाचौथ यानी पति पत्नी के आपसी प्रेम और उनके विवाह संस्कार...

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#मित्रता

नही रिश्ता लहू का है, मगर फिर भी सुधा रस सा। ।।1।।कभी तकरार तीखी सी,कभी मीठा है मधुरस सा। ।।2।।सजा सौहार्द रंगों से,बंधा विश्वास की डोरी। ।।3।।है साथी सुख दुःखो का,उजाला बन के दीपक सा। ।।4।।कभी...

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#बसुधैव कुटुम्बकम

बचपन से सुनती आयी थी मैं वसुधैव कुटुम्बकम।पर क्या??इस भावना को अपना पाए हम।काश वेदों की कही वाणी सत्य हो जाये।और सारी धरती प्रेम रस में डूब जाये।मिट जाए धर्म, जाति, और अमीरी की दीवारें।भाईचारे का...

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गुलाबी नोट

*गुलाबी नोट*दिहाड़ी से लौटतेअचानक रुकी साइकिल।दिखा एक गुलाबी नोट जमीन पर।उठाया सावधानी से यह देख,कोई देख तो नही रहा।

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सच्चा श्रृंगार #Thursdaypoetrychallenge #श्रृंगार

#Thursdaypoetrychallenge#श्रृंगारहे प्रिय! तुम्हारा अद्भुत ,अप्रतिम रूप सदा ही मेरे मन मंदिर में बसता है, हो...

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आधुनिक नारी का श्रृंगार#श्रृंगार

श्रृंगार तब भी करती थी,श्रृंगार आज भी करती हूँ..माथे पर सजती है बिंदिया आज भी मेरे,पर सजता आत्म सम्मान का टीका साथ आज मेरे ..भरती हूँ कलाइयों में चूड़ियाँ आज भी..पर...

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#श्रृंगार #सादगी रूपी श्रृंगार

स्त्री और श्रृंगार जैसे गुलाब के फूल संग मोतियों का हारपर,,क्या मोतियों के हार बिना गुलाब का अस्तित्व नहीं?क्या इससे गुलाब की सुंदरता कम हो जाएगी कहीं?नहीं,,गुलाब की सुंदरता हार की मोहताज नहीं गुलाब...

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करवाचौथ पर ऐसे करें श्रृंगार- Beauty and well being

इस करवाचौथ आप सुन्दर दिखने के लिए कुछ खास सोच चुकी हैं क्या? अगर नहीं तो अवश्य सोचिए, ये आपका और आपके प्रियतम का खास दिन है। क्या पहनना है ये तो आप सोच चुकी होंगी पर श्रृंगार भी रोज से कुछ अलग होना ही चाहिए। चलिए आपकी थोड़ी मदद...

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#थर्सडेपोएट्रीचैलेंज#स्त्री और श्रृंगार

क्या होता है स्त्री का श्रृंगारखन-खन करती चूड़ी या माथे पे चमकती बिंदीछम-छम करती पायल या सर से सरकती चुनरीमांग में सजा सिंदूर या जुल्फों पर लहराता गजराहाथों में सजी मेहंदी या आंखों में चमकता कजराक्या...

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"मुस्कान हर स्त्री का श्रृंगार बने"

श्रृंगार से सजी-धजी हर स्त्री सम्पूर्ण मानी जाती है,पर ये बाहरी श्रृंगार आंतरिक पीड़ा को छिपा नहीं सकती।जब तक स्त्री की मुस्कान श्रृंगार बनकर चेहरे पर नहीं खिलती,तब तक उस स्त्री का सजना-संवरना बेईमानी सी लगती।हर...

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