बच्चों को बचत करना कैसे सिखाएं ?

बच्चों को बचत करना कैसे सिखाएं ?

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि बच्चे स्वभाव से ही जिद्दी होते हैं। छोटी-छोटी बातों पर जिद करना, बाजार में खिलौने देखकर रोना यह उनकी आदत में ही शुमार हो जाता है। यह उनका बचपना होता है परंतु इस बचपने में उनकी हर जिद पूरी करते-करते पिता की जेब भी खाली होती जाती है।

बच्चों के लिए छोटी-मोटी चीजें खरीदना तो माँ-बाप के वश में रहता है परंतु जब बच्चों की जिद महँगी होती जाती है। तब माँ-बाप भी अपनी असमर्थता के आगे घुटने टेक देते हैं। आज के दौर में जहाँ महँगाई दिन-ब-दिन अपने पाँव पसार रही है। वहीं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जहाँ परिवार का गुजारा बमुश्किल चलता है, ऐसे में बच्चों की हर जिद पूरी करना तो बेहद ही मुश्किल होता है।

यदि आप उनकी हर जिद पूरी करोगे तो बच्चा कभी बचत करना नहीं सीख पाएगा और कभी वह पैसे का मोल नहीं समझ पाएगा। माँ-बाप को चाहिए कि वो बच्चों को प्यार से समझाए तथा फिजूलखर्ची की बजाय बचत करने के लिए प्रोत्साहित करें, जो बच्चे के बचपने को सँवारने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी सँवारेगी।

1.बच्चों की आदत नहीं बिगाड़ें :- कई बार तो आप भी नहीं जानते कि बिस्किट, चाकलेट, कोल्ड ड्रिंक खिलौने आदि के नाम पर जिद करते बच्चों पर आपका कितना रुपया फिजूल खर्च होता है? कभी-कभी तक तो ठीक है लेकिन जब यह बच्चों की रोज की जिद बन जाती है, तब यह आपके लिए नुकसानदेह हो जाती है। आपकी बच्चों को मनाने के लिए हर रोज कुछ न कुछ खरीदकर लाने की आदत आगे चलकर बच्चों की बुरी आदत बनकर आपके लिए ही नुकसानदेह सिद्ध होती है। इसके बजाय यदि आप बच्चों को बचत करना व निर्धारित रुपयों में अपने लिए कोई चीज खरीदना सीखाएँगे तो वह आ पके बच्चों के भविष्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

2 –गुल्लक है बड़े काम की :-बच्चों को गुल्लक बड़ी अच्छी लगती है। आजकल बाजार में मिट्टी की, लोहे की व प्लास्टिक आदि की गुल्लक तरह-तरह के आकार में मिलती है। बच्चे इससे खेल भी सकते हैं व इसमें रुपए जमा कर बचत करना भी सीख सकते हैं। यदि आप बच्चों को गुल्लक लाकर पैसे बचत करने पर उनकी पंसदीदा चीज खरीदकर लाने का लालच देंगे तो बच्चे बड़े ही शौक व उत्साह से गुल्लक में पैसे डालेंगे।

इस प्रकार करने से जहाँ हर दो-‍तीन दिन में बच्चों के खिलौनों के रूप में आपकी जेब से होने वाली फिजूलखर्ची पर अंकुश लगेगा, वहीं बच्चा बचत का महत्व भी समझेगा।

याद रखें, बच्चे कोमल फूल की तरह होते हैं, जो थोड़ी सी डाँट-फटकार से भी उग्र हो जाते हैं। इन्हें आप यदि प्यार से समझाओगे तो ये आसानी से आपकी हर बात समझ जाएँगे। बचत करने की आदत डालने की बच्चों को दी गई आपकी सीख उनका भविष् य सँवारेगी ।

3-पैसों का मोल समझाएं
महंगाई के इस दौर में जरूरी है कि बच्चे पैसों का मोल जानें. आप उन्हें यह समझायें कि आप पैसे कमाने के लिए कितनी मेहनत करते हैं. उन्हें यह समझाने की कोशिश करें

4-हर मांग पहली बार में पूरी नहीं करें
अगर आप ऐसे पैरेंट्स हैं, जो अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी मांग तुरंत पूरी करते हैं, तो आपको अपनी आदत बदलने की जरूरत है. बाद में आपकी यह लापरवाही आपके बच्चे के लिए मुसीबत बन सकती है। बच्चों को आप जरूरत और लग्जरी में फर्क करना सिखाएं। क्या खरीदना या खाना जरूरी है और किस खरीदारी को टाला जा सकता है, बच्चों को यह समझाना भी जरुरी है

5 -बच्चों को गुल्लक दें
बच्चों को दादी, नानी या आपके घर आने वाले अन्य मेहमानों से पैसे मिलते हैं। आप भी उन्हें जेब खर्च के लिए पैसे देते होंगे. उन्हें बचत करने में इन पैसों का इस्तेमाल करना सिखाएं। आप बच्चे की पसंद वाले कार्टून कैरेक्टर वाला गुल्लक खरीद कर दें. गुल्लक में पैसे डालने से बचत की आदत विकसित की जा सकती है

.6 -बचत खाता खुलवाएं
आप अपने बच्चों को बचत की आदत के फायदे बताएं. आप उन्हें बता सकते हैं कि किस तरह उनके हर महीने बचाए गए पैसों का निवेश किया जा सकता है. आजकल बैंकों में बच्चों के नाम से बैंक खाते खोलने की सुविधा है. इन खाते में उन्हें पैसे जमा करना सिखाएं. उनकी आज की छोटी-छोटी बचत कल की बड़ी जरूरत पूरा कर सकती है.

7 -बर्बादी के नुकसान समझाएं
बहुत से बच्चे पेंसिल, पेपर, रबर या अन्य चीजें फेंक देते हैं. वे एक-एक लाइन लिखकर कॉपी का पेज खाली छोड़ देते हैं. आप उन्हें यह समझाने की कोशिश करें कि कागज पेड़ों को काटने से बनता है और अगर बच्चा कागज बर्बाद कर रहा है तो वे एक नए पेड़ को काटने की तैयारी कर रहा है. पेड़ों से जीने के लिए ऑक्सीजन मिलता है.घर के

8 -बजट बनाने में शामिल करें
अगर आप अपने जीवनसाथी या माता-पिता के साथ मासिक बजट बनाते हैं तो इस प्रक्रिया में बच्चों को भी शामिल करें. आपकी चिंता, पैसे की दिक्कत या देनदारी की सही स्थिति समझने के बाद कुछ महीनों में संभव है कि बच्चा फिजूलखर्ची की आदत छोड़ दे

.9 -बचत के पैसे से दिलाएं गिफ्ट
बच्चों के बचत के पैसों से उन्हीं की जरूरत की चीजें खरीदें. मान लीजिये कि बहुत दिनों से आपके घर में टेबल लैंप के लिए बच्चा जिद कर रहा है या पढ़ाई के लिए अलग टेबल-चेयर, स्टोरी बुक्स, वीडियो गेम्स आदि की उसकी मांग है. बचत के पैसे से बच्चे को यही चीजें दिलाएं. ऐसा करने से बच्चों में बचत करने के लिए उत्साह बढ़ जाएगा.

और इस तरह आप अपने बच्चे में बचत करने की एक अच्छी आदत विकसित कर पाएंगी।

अनु गुप्ता

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