#ईश्वर की खूबसूरत रचना... गृहणी

#ईश्वर की खूबसूरत रचना... गृहणी

सौ रोगों की एक दवा, वैसे ही सौ गुणों वाली , एक गृहणी..। जी हाँ, वो गृहणी ही तो हैं। जो घर के हर सदस्य की जरूरतों का ध्यान रखती हैं.। हर काम, खुशी खुशी करती हैं, कितना भी थक जाये, पर उफ़ नहीं करती..। शुभी ये तो औरतों का नैसर्गिक गुण हैं..., तभी तो कर पाती हैं, इतना काम.। शायद तुम ठीक कह रही हो नीति..।


देखो ना गृहणी सिर्फ घर में रहने वाली ही नहीं होती, गृहणी वो हैं, जो गृह को अच्छे से संभाल ले.। भले वो कामकाजी हो या घर में रहने वाली... गृहणी तो दोनों कहलाती हैं...।

 

शुभी... गृहणी के हाथ दो होते, पर एक साथ कई काम कर रही होती..।कई बार ये (पति )बोलते भी हैं, एक साथ कैसे इतना काम कर लेती हो..। मेरे कामों की इनको समझ हैं, बस यहीं काफी हैं...। रिश्ते -नाते की खिचड़ी को स्वादिष्ट बनाए रखने का काम भी, हम गृहणी अच्छे से करती हैं..। ससुराल हो या मायका, दोनों जगह मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभाती हैं..। पति का प्रमोशन हो या बच्चें क्लास में प्रथम आये, सबसे ज्यादा गृहणी ही खुश होती हैं..।घर के लिये अपने वजूद को भूल जाती हैं, ये..।


सही कह रही हो नीति,.,कभी -कभी हमारे पति भी एक दिन के गृहणी बन जाते हैं।जब हम बीमार पड़ते हैं..।अनाड़ी हाथों से रसोई सँभालते पति, मजेदार लगते.। इतना शिकन तो माथे पर तब भी नहीं आता, जब लैपटॉप चला रहे होते...। कितने फनी प्रश्न होते हैं उनके,..तेल गरम हुआ, ये कैसे पता चलता हैं..। और पता हैं,..हँस हँस कर मुझे अगले दिन ठीक होना ही पड़ता.। आखिर रसोई की दुर्दशा देखी नहीं जाती..।


शुभी और नीति दोनों सहेलियों का, गृहणी के बारे में अपना -अपना विचार हैं...।मेरा भी यहीं मानना हैं, गृहणी एक ऐसी शख्शियत, जो सब पर रखें नजर, जो सबकी डिमांड पूरी करें,.। सबसे पहले उठने वाली और सबसे बाद में सोने वाली..।

गृहणी की सबसे बड़ी समस्या होती हैं -"क्या बनाऊ " पति, बच्चें तो ये कह पीछा छुड़ा लेते, अरे तुम्हारा क्षेत्र हैं, कुछ भी बना लो.।एक गृहणी ही ढूढ़ कर नित नये व्यंजन बनाती हैं.।गृहणी होना आसान काम नहीं हैं.।अलाउद्दीन के जिन्न की तरह सब कुछ मिनटों में करने का हौसला रखती हैं..।


गृहणी के इस जज्बे को सबको, सलाम करना चाहिए..।जो बिना कहें, मन की बात समझ जाती हैं..।साम, दंड, भेद की नीति अपना, अपना घर सुखमय रखती हैं..। हैं, ना ईश्वर की बनाई खूबसूरत रचना....जो सॄजनशील हैं,सृष्टि की रचना करने वाली..


-संगीता त्रिपाठी 


#गृहणी 

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