"कच्ची हल्दी की सब्जी: प्रियंका के रसोड़े से" #सर्दियोंकीगर्माहट

कच्ची हल्दी सर्दियों में प्रकृति प्रदत्त वरदान है। यह त्वचा के लिए उत्तम है, पाचन को बढ़ाती है, उत्कृष्ट एंटीसेप्टिक, दर्द को दूर करने और जोड़ों के दर्द में उपयोगी है। कच्ची हल्दी की सब्जी सर्दियों के लिए एक उपयोगी व्यंजन है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।

आइए सीखते हैं, कच्ची हल्दी की स्वादिष्ट सब्जी बनाना...  यहां मैं राजस्थान राज्य के अधिकांश स्थानों पर सर्द सर्दियों में बनाई जाने वाली पारंपरिक कच्ची हल्दी की सब्जी की रेसिपी साझा कर रही हूं।

??? रेसिपी: कच्ची हल्दी की सब्जी???

?आवश्यक सामग्री:
?कच्ची हल्दी: 250 ग्राम
?देसी घी : 100 ग्राम
?लौंग: 3
?तेजपत्ता: 2
?हरी इलायची: 3
?काली मिर्च: 8-10
?दालचीनी : 1 इंच टुकड़ा
?लहसुन: 12-14 कली
?हरी मिर्च : 3
?अदरक: 100 ग्राम
?मटर: 100 ग्राम
?दही: 200 ग्राम
?लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच
?धनिया पाउडर: 2 छोटे चम्मच
?बारीक कटा हरा धनिया : 2 बड़े चम्मच
?स्वादानुसार नमक

?विधि:

चरण १) हल्दी को धो लें ताकि उसमें कोई गन्दगी न रहे। हल्दी को अच्छे से छील लें। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसे बहुत छोटे छोटे टुकड़ों में काटने में समय लगता है।

चरण २) एक कढ़ाई या भारी तले के पैन में देसी घी गरम करें। कड़ाही में लौंग, तेजपत्ता, हरी इलायची, काली मिर्च और दालचीनी डालें। बारीक कटा हुआ लहसुन डालें। इसे भूनें। लहसुन का रंग नहीं बदलना चाहिए। थोड़ी देर बाद कटी हुई हरी मिर्च डालें। बारीक कटी हुई हल्दी डालें। इसे भूनें। कटा हुआ अदरक डालें (अदरक को हल्दी की तरह बहुत छोटे टुकड़ों में काट लेना चाहिए)। इसे लगातार चलाते हुए धीमी से मध्यम आंच पर 8-10 मिनट तक पकाएं।

चरण ३) करीब दस मिनट बाद जांचें कि हल्दी नर्म हो गई है या नहीं। अब इसमें मटर डालें। दही में गांठ न हो इसके लिए लगातार चलाते हुए फेंटा हुआ गाढ़ा दही डालें। लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें। आंच धीमी करें। धनिया पाउडर डालें। इसे तब तक भूनें जब तक कि घी सतह पर न छोड़ दे। इसमें 10-12 मिनट या अधिक समय लग सकता है। मटर भी साथ में पक जाते हैं। मसालों का रंग अच्छे से निकल आता है।

चरण ४) कच्ची हल्दी की सब्जी बनकर तैयार है। इसे बारीक कटे हरे धनिए से सजाकर सर्व करें। इसे चपाती/पराठे के साथ गर्मागर्म सर्व करें।

?️नोट:

◾ताजी हल्दी का छिलका पतला होता है। ताजा न होने पर इसका छिलका मोटा होता है। ताजा चुनें। हमेशा बड़ी हल्दी की गांठ (हल्दी की जड़ें) लें। इसकी ताजगी के लिए अपने नाखूनों से परीक्षण करें। हल्दी को छीलकर और छीलकर और नाखूनों से खुजलाकर हल्दी का रंग देखा जा सकता है.
◾ हल्दी का पीला रंग आपके हाथों से आसानी से नहीं छूटता। इसलिए हल्दी के रंग से बचने के लिए इसे काटते समय दस्ताने पहने जा सकते हैं।
◾कच्ची हल्दी की सब्जी देसी घी में ही बनती है. जब घी पक जाए तो आप हमेशा अतिरिक्त घी निकाल सकते हैं।
◾इसे फ्रिज में रख कर ७ दिन/एक सप्ताह तक स्टोर किया जा सकता है।

आशा करती हूॅ॑ कि पौष्टिकता से भरपूर गुणकारी कच्ची हल्दी की सब्जी आपको पसंद आएगी। आप बनाकर देखें, आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।

ऐसी ही अन्य उपयोगी रेसिपीज के लिए आप मुझे फाॅलो करना न भूलें।

धन्यवाद।
-प्रियंका सक्सेना
(मौलिक व स्वरचित)
(मेरी रसोई से सर्दी स्पेशल रेसिपी)
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