करण की पाँच सुपरवुमेन पावर

करण की पाँच सुपरवुमेन पावर

भव्य सेट, सुपरहिट गाने,एक से बढ़कर एक स्टार कास्ट और हर तरह के इमोशन्स से लबरेज अगर कोई मूवी आप देख रहे है तो यह निश्चित है कि आप मशहूर डायरेक्‍टर करण जौहर की मूवी का आनंद ले रहे हैं।हम कह सकते हैं कि करण जौहर एक मल्टीटैलेंटेड पर्सनैलिटी है जिन्‍हें लोग केजो के नाम से भी जानते हैं।वे भारतीय फिल्‍म डायरेक्‍टर, निर्माता, स्‍क्रीनराइटर, कास्‍ट्यूम डिजाइनर, अभिनेता और टेलीविजन पर्सनालिटी हैं जो कि हिन्‍दी फिल्‍मों में अपने बेहतरीन काम की वजह से जाने जाते हैं।


करण की फिल्मों में हीरो के रोल के साथ एक्ट्रेस के रोल भी एक मजबूत रोल प्ले करते है।आइए जानते है उनकी मूवीस के पाँच अनोखे और दमदार लेडी कैरेक्टर से-


"दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे "को कौन नही जानता।ऐसा कोई नहीं होगा जिसे सिमरन से प्यार न हुआ हो।जिसने अपने पिताजी की बातो का मान रखने के लिए अपने प्यार को छोड़कर और भूलकर जिन्दगी में आगे बढ़ने की कोशिश करती है और उनकी मर्जी से शादी के लिए तैयार हो जाती है।उसकी माँ कहती है मैं अपनी बेटी को अपने तरह सपनों को मारकर जीना नहीं सिखाना चाहती थी पर उसे भी वही करना होगा।फाइनली सिमरन को अपनी सच्चाई की वजह से उसका प्यार मिल जाता है।


"कल हो न हो" की नैना अपनी भावनाओं और इमोशंस को छिपाते हुए जी रही होती है।उसके जीवन पर उसके पिता के न होने की छाया दिखती है।वह अपनी माँ को पूरा सपोर्ट करती है और अपनी बहन जिया को भी बहुत प्यार करती है ,जिसे घर में कोई पसंद नही करता है।फिर वह अपने दोस्त और प्यार के सहारे अपनी जिन्दगी अपने हिसाब से जीती है और खुद में बदलाव लाती है।


"कभी अलविदा न कहना "में एक्स्ट्ररनेल अफेयर को दिखाया गया है जहाँ माया अपने बचपन के दोस्‍त से शादी कर लेती है लेकिन पति के साथ अच्छे संबंध नहीं होने की वजह से वह देव से रिलेशनशिप में आ जाती है।माया और देव एक दूसरे के अकेलेपन को दूर करने के लिए साथ आते हैं।इस रिश्ते को मूवी पर दिखाना और माया के कैरेक्टर को सही दिखाना बहुत बडी बात है ।


"कभी खुशी कभी गम " की अंजलि अपने पिता को खोने के बाद अपनी बहन को अपने साथ रखती है और विदेश मे रहकर भी अपने परिवार और बेटे को भारतीय संस्कृति से अलग नही होने देती है।


"टू स्टेटस " चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित मूवी है जिसमें लड़का और लड़की अलग समुदाय के होते है फिर भी अपने प्यार को पाने के लिए संघर्ष करते है और प्यार को पाते है।अनन्या अपने पैरो पर खडे होने के बाद ही शादी का फैसला लेती है और परिवार की सहमति भी होती है।


हम देखते है कि करण की मूवीस ज्यादा रोमांटिक होती है जहाँ एक्ट्रेस अपने व्यक्तित्व को बनाए रखने के साथ अपनी मंजिल पाने के लिए भी आगे बढती है।

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