क्या आपको याद है तब्बसुम ? आइये उनके जीवन से जुडी खास बातें जानें

क्या आपको याद है तब्बसुम ? आइये उनके जीवन से जुडी खास बातें जानें

तबस्सुम हिन्दी फ़िल्मों की एक चुलबुली और चंचल अभिनेत्री हैं उनकी मधुर और छोटी बच्ची की तरह मीठी भाषा हर किसीको आकर्षित करती है। तबस्सुम अपने काम के लिए सबसे ज़्यादा जानी जाती हैं फूल खिले हैं गुलशन गुलशन से कार्यक्रम से, जो १९७२ से लेकर १९९३ तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ, और जिसमें तबस्सुम फ़िल्मी हस्तियों और टेलिविज़न अभिनेताओं-अभिनेत्रियों का साक्षात्कार लिया करती थीं। सबके साथ हंसी मजाक करते अपने नटखट स्वभाव से सबका मनोरंजन करती थी।


तबस्सुम का जन्म ९ जुलाई १९४४ को मुंबई में हुआ था। उनके पिता अयोध्यानाथ सचदेव, जो कि एक स्वतंत्रता सेनानी थे, तथा उनकी माता असग़री बेग़म जो कि एक लेखक और पत्रकार थीं। उन्होंने अपनी फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत १९४७ में ही मेरा सुहाग फ़िल्म से शुरु कर दी थी जब उनकी उम्र महज़ तीन वर्ष थी। बचपन में उनका नाम बेबी तबस्सुम दर्शाया जाता था।


उनका विवाह विजय गोविल से सम्पन्न हुआ है, जो कि अरुण गोविल के बड़े भाई हैं।तबस्सुम संगीतकार कल्याणजी और आनंदजी भाई को 50 सालों तक राखी बांधती रही और दोनों ने भरपूर प्यार, मोहब्बत और इज्जत दी। कल्याणजी और आनंदजी भाई के साथ तबस्सुम ने अपनी आधी जिंदगी गुजारी है। पूरे 50 साल और इन 50 सालों तक तबस्सुम ने उनके साथ देश और विदेशों के कई शहरों में जाकर लाइव शोज़ किए।


तबस्सुम ने बताया कि हर शो में एंट्री से पहले वह अपना आईना निकालती थी और अपने आपको गौर से देखती थी। फिर लिपिस्टिक निकालकर अपने होठों पर लगाती थी। उसके बाद जब मेरी नजर आनंदजी भाई पर पड़ती थी तो वह मुझे बड़े गौर से देख रहे होते थे। और मुझे नर्वस करने की कोशिश करते थे और आनंदजी भाई को मौका मिल जाता था मुझे परेशान करने का। ऐसे रूहानी रिश्ते से बंधे है। तबस्सुम के जलवे आज भी तरोताजा लगते है।


(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

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