क्या बरसाने के राधा मंदिर से जुड़ी ये रोचक बातें आपको पता हैं ?

क्या बरसाने के राधा मंदिर से जुड़ी ये रोचक बातें आपको पता हैं ?

हिंदू धर्म में अनेक देवी देवताओं की पूजा व आराधना की जाती है जगह-जगह उनके अनेकों तीर्थ स्थल व मंदिर बने हुए हैं जहां पर हम सभी दर्शन करने जाते हैं | ऐसा ही एक उत्तर प्रदेश के बरसाना में स्थित है राधा रानी का मंदिर ! जो एक विशेष धार्मिक स्थल है यह मंदिर राधा रानी के मंदिर के नाम से जाना जाता है |


इस मंदिर से बहुत ही रोचक बातें जुड़ी हुई है राधा रानी का मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जिसकी ऊंचाई 250 मीटर है | इसका इतिहास बहुत ही रोचक है इस पहाड़ी को बरसाने का माथा कहा जाता है | राधा रानी मंदिर को बरसाने की लाडली का मंदिर और राधा रानी का महल भी कहा जाता है |     


राधा रानी का मंदिर के इतिहास की बात की जाए तो यह कई साल पुराना है राधा रानी का मंदिर लगभग 5000 साल पहले राजा वज्रनाभ (कृष्ण के परपोते ) द्वारा स्थापित किया गया था | मंदिर के निर्माण के लिए लाल सफेद पत्थरों का प्रयोग किया गया है जो राधा और श्री कृष्ण के प्रेम का प्रतीक माने जाते हैं |


राधा रानी के पिता का नाम वृजभान और माता का नाम कीर्ति था | राधा रानी का जन्म जन्माष्टमी के 15 दिन बाद भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुआ था इस दिन राधा रानी के मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और 56 प्रकार के भोग लगाए जाते हैं | राधा रानी मंदिर परिसर के अंदर बरसाना होली उत्सव, राधा अष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी के अलावा लठमार होली मनाई जाती है जिसके लिए बहुत से श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं | होली का आनंद लेते हैं |         


जब जब प्रेम की बात होती है तो सभी के जहन में राधा कृष्ण की छवि आती है कथा के अनुसार ऐसी मान्यता है कि जहां कृष्ण गोकुल के ग्वाले वाले थे वही राधा रानी बरसाना की थी | राधा और कृष्ण जी दोनों ही बचपन से ही एक दूजे से बहुत अच्छे मित्र थे | कथा के अनुसार भगवान कृष्ण को जब बरसाना छोड़कर मथुरा जाना पड़ा तो उन्होंने जाने से पूर्व ही अपने माया से राधा को बरसाना की रानी बना दिया है | राधा और कृष्ण के मध्य प्रेम को पूरा वृंदावन और बरसाना समझता था यहां तक कि दोनों के घर वाले उनका विवाह करवाना चाहते थे | पर नियति के अनुसार राधा को श्राप मिला था कि वह 100 वर्षों तक अपने प्रेमी भगवान श्री कृष्ण के साथ नहीं रह पाएंगी | जब राधा और कृष्ण ने प्रथ्वी पर अवतार लिया तो ऐसा ही हुआ दोनों का विवाह नहीं हो पाया |                   


राधा का विवाह अयान से हो गया जो बरसाना के महा पंडित को उग्रपत का पुत्र था | जब कंस की मृत्यु का समय आया तो भगवान कृष्ण वृंदावन और बरसाना छोड़कर मथुरा चले गए जाने से पहले राधा ने यही चुनौती स्वीकार की थी कि भगवान कृष्ण कंस का वध करते हैं वही राधा के ससुराल वालों का मत था कि कृष्ण कंस को कभी नहीं हरा पाएंगे | तब राधा ने इस चुनौती को स्वीकार किया और प्रतिज्ञा ली थी यदि कृष्ण हार गए तो वह हमेशा के लिए वनवास चली जाएंगी और यदि जीत गए तो राधा रानी के बरसाना वाले उन्हें वहां की रानी बना देंगे | जब कृष्ण जी ने कंस का वध कर दिया तो राधा रानी के ससुर ने भरी सभा में उन्हें बरसाना की रानी घोषित कर दिया |       


राधा रानी व कृष्ण जी की प्रेम कहानी को इस दुनिया में लोग हमेशा के लिए स्मरण रखेंगे | कृष्ण और राधा की प्रेम गाथा बहुत ही अलौकिक है | उत्तर प्रदेश के गांव बरसाना और वृंदावन की गली गली में आज भी श्री कृष्ण और राधा के प्रेम के चर्चे होते हैं |                           


धन्यवाद रिंकी पांडेय।                       

चित्र साभार गूगल

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
1
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0