क्या होता है ऐक्टीवेटेड चारकोल - Beauty

क्या होता है ऐक्टीवेटेड चारकोल - Beauty

आजकल बढ़ते प्रदूषण से वातावरण में जो दूषित तत्व घुल चुके हैं उससे हमारी त्वचा बहुत अधिक प्रभावित है। त्वचा पर गंदगी एकत्रित हुए होने से ब्लैक हैडस व मुहाँसों जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के हल के लिए आजकल ऐक्टीवेटेड चारकोल का प्रयोग काफी किया जाने लगा है।

आजकल बाजार में भी ये पाउडर के रूप में उपलब्ध है। बहुत से क्रीम, स्क्रब, पैक भी इससे बनाए जाते हैं। ब्यूटी पार्लर में चारकोल फेशियल भी उपलब्ध है।

परन्तु ऐक्टीवेटेड चारकोल होता क्या है? चलिए इसे ही समझते हैं। सबसे पहले लकड़ी को जलाकर कोयला बनाया जाता है और फिर उसकी मदद से यह तैयार किया जाता है।

इसे तैयार करने के लिए लकड़ी को 800 से 1200 डिग्री सेल्सियस तापमान पर जलाना होता है और ऐसा करते समय ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम रखनी होती है।

ऐसा करने से दूषित गैसें निकल जाती हैं व चारकोल ही बचता है।

ऐसा नहीं है कि इसे घर में नहीं बनाया जा सकता, परन्तु सही विधि सीख कर ही प्रयत्न करना चाहिए, अन्यथा बाजार में यह उपलब्ध है।

स्क्रब-

जोजोबा ऑयल या ऑलिव ऑयल के साथ मिलाकर स्क्रब की तरह प्रयोग करें। पन्द्रह से बीस मिनट चेहरे पर लगा कर रखें फिर हल्के हाथ से साफ करके धो लें।

फेसपैक-

एक चम्मच चारकोल पाउडर में दो से तीन बूंद टी ट्री ऑयल की मिला लें। अब एक चम्मच ऐलोवेरा जेल मिला लें। यदि पेस्ट और पतला करने की आवश्यकता लगे तो आवश्यकता अनुसार पानी मिला लें। बीस मिनट लगा कर रखें। फिर ठंडे पानी से धो लें।

दाँत-

दाँत यदि पीले हैं तो चारकोल पाउडर बड़े काम का है। आप सीधे या टूथपेस्ट में मिला कर प्रयोग कर सकते हैं।

परन्तु मुख के अन्दर प्रयोग करने से पूर्व शुद्धता सुनिश्चित करलें।

सावधानी

चारकोल की सबसे बड़ी हानि ये है कि यह फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं होता। इसे कभी भी मुँह या नाक से साँस खींचते समय बिल्कुल नजदीक न रखें। साँस के माध्यम से फेफड़ों तक जाने पर यह हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

अर्चना सक्सेना

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