खुद का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है।

खुद का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है।

ओहो इतनी सुबह - सुबह कौन फोन कर रहा है! नींद में ही बड़बड़ाते हुए पल्लवी ने फ़ोन उठाया...फ़ोन कट चुका था , फ़ोन पर सासू मां का नम्बर देख कर पल्लवी उठकर बैठ गई।


मोबाइल में समय देखा तो 7 बज रहे थे,पल्लवी ने मन में सोचा बाद में कॉल कर लूंगी पर दोबारा फ़ोन की घंटी बजने लगी।


हैलो बहू...अभी तक सोई थी क्या?

सास संकुतला जी ने कहा

हैलो मां जी प्रणाम....जी बस अभी-अभी उठी हूं। पल्लवी ने धीरे से कहा..


पता है ना अब तीसरा महीना शुरू होने वाला है इसलिए सुबह-सुबह उठ कर नहा धोकर भगवान की पूजा अर्चना कर कुछ भजन कीर्तन भी कर लिया करो... इससे बच्चा बहुत ही गुणवान होगा।


जी मां जी कल से कर लूंगी पल्लवी ने कहा....


और सुन दिन भर केवल आराम मत फरमाना.... कुछ ना कुछ घर में करती रहना, चलते , फिरते रहने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है जिससे बच्चे की डिलेवरी भी नार्मल होती है वरना आजकल की लड़कियां तो बस पति के साथ मनमर्जी से नौकरों के सहारे रहती है और फिर ऑपरेशन से बच्चा पैदा करती हैं।

पल्लवी के प्रति सकुंतला जी का वही रूखा व्यवहार....जो वो हमेशा से करतीं थीं।

ना हाल चाल पूछा और ना ही पहली बार मां बन रही पल्लवी से प्यार जताया बस प्रवचन देना शुरू कर दिया...


पल्लवी फोन रखकर घर के सारे काम निपटाने लगी क्योंकि उसने अभी तक किसी काम वाली को नहीं रखा था।काम खत्म करने के बाद पल्लवी नहाने चली गई फिर वो पूजा पाठ कर के ही रसोई में गई। तब तक बहुत देर हो चुकी थी, पल्लवी को अब भूख भी लग रही थी,रोज तो‌ वो पहले कुछ बनाकर खा लेती थी पर आज सासू मां के कहने पर..


पति पंकज पल्लवी को खाने में देर होता देख गुस्सा करने लगा।

पल्लवी याद है ना कि कल डॉक्टर ने क्या कहा था... अपने खाने-पीने का ध्यान रखना और समय पर खाना खाना। मैंने वॉचमैन से कह दिया है कि किसी काम वाली को भेज दे...कल से तुम सिर्फ अपना ध्यान रखोगी और ज़रूरत पड़ी तो हम एक कूक को भी रख लेंगे और तुम्हें इन सब बातों के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं।


अब से तुम सिर्फ अपना और हमारे आने वाले बच्चे का ध्यान रखोगी।

पर पंकज मां जी ने कहा है थोड़ा थोड़ा घर का काम करते रहने के लिए जिससे डिलेवरी नार्मल हो... पल्लवी ने कहा

हां तो थोड़ा ना...झाड़ू , पोंछा, बर्तन, कपड़े, खाना ये थोड़ा नहीं एक गर्भवती महिला के लिए बहुत ज्यादा है।

मां की बात छोड़ो तुम बस डॉक्टर की बात ध्यान में रखो कि उसने क्या कहा है... डॉक्टर ने कहा है ना कि बच्चे की अच्छी ग्रोथ के लिए पहले मां का खुद का ख्याल रखना बहुत जरूरी है"।

मां पुराने ख्याल की हैं , उन्हें जो सही लगा उन्हें कहा पर तुम वही करना जो डॉक्टर ने कहा है।

ठीक है पंकज मैं अपने होने वाले बच्चे के लिए अपना ख्याल जरूर रखूंगी ताकि वो स्वस्थ हो...

ये हुई ना बात...

पंकज की खुशी देख पल्लवी भी मुस्कुराए बिना नहीं रह पाई।

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