डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क ना होने के क्या कारण हैं ?

डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क ना होने के क्या कारण हैं ?

निकिता ने अभी अभी बच्चे को जन्म दिया पर यह क्या उसके आंचल में दूध ही नहीं आ रहा था ऐसी स्थिति में वह शुरू से ही बच्चे को फार्मूला मिल्क या ऊपरी दूध पिला रही थी तभी उसकी सहेली , रमा ने कहा :- क्या निकिता बच्चे को अभी से फार्मूला मिल्क पिला रही हो ? जबकि नवजात शिशु के लिये मां का दूध ही सर्वोत्तम  माना जाता है | रमा की बात सुनकर निकिता ने कहा :- क्या करूं मैं ? मेरे आँचल में दूध ही नहीं बन रहा ? और वह तनाव से गिरती चली जा रही थी | डिलीवरी के बाद बहुत-सी  महिलाओं को ब्रेस्ट मे मिल्क नहीं बनता ऐसा क्यों होता है ? आज हम इसका कारण विस्तार से जानेंगे | डिलीवरी के बाद नई माओं को ब्रेस्ट में मिल्क आने में 3 से 4 दिन लगते हैं किसी विशेष मेडिकल कॉम्प्लिकेशन के कारण डिलीवरी की प्रक्रिया से भी लेक्टेशन में देरी हो सकती है पर इसका मतलब यह कतई नहीं है कि लैक्टेशन हुआ ही नहीं है |                                                       

प्रोलैक्टिन , कॉर्टिसोल ,ऑक्सीटॉसिन और इंसुलिन हार्मोन जो कि ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन में सहायक होते हैं और प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला के शरीर में उत्पन्न होते हैं|  ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन बच्चे के जन्म के 30 से 40 घंटे के बाद से ही शुरू हो जाता है | हार्मोन प्रोजेस्टोरोन जो ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को रोकता है बच्चे के जन्म और प्लेसेंटा के गर्भाशय से अलग होने के बाद उसका लेवल कम होने लगता है | प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम होने से ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन होना शुरू हो जाता है | डिलीवरी के कुछ दिनों बाद मां के स्तन भरे भरे से लगते हैं यह पहला संकेत होता है कि स्तनों में दूध आना शुरू हो चुका है | प्रोलैक्टिन हार्मोन जो मां के शरीर को दूध का उत्पादन करने के लिए तैयार करता है | गर्भावस्था के दौरान यह बढ़ता जाता है हालांकि इस दौरान प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन दूध के उत्पादन में रुकावट पैदा करता है प्लेसेंटा के कारण बनता है जिसकी वजह से शरीर में प्रोलैक्टिन प्रभावी ढंग से अपना कार्य नहीं कर पाता | बच्चे के जन्म के बाद ही मां के शरीर में ब्रेस्ट मिल्क का प्रोडक्शन सही ढंग से शुरू होता है और प्लेसेंटा से बनने वाले हार्मोन बंद होने लगते हैं अक्सर गर्भवती महिलाएं यह देखती है कि उनके ब्रेस्ट से थोड़ा सा दूध निकल रहा है कॉलेस्ट्रम पहला दूध होता है जो क्रीमी होता है और यह मिड प्रेगनेंसी के दौरान बनना शुरू होता है यह ब्रेस्ट मिल्क बनने से पहले नवजात शिशु को आवश्यक पोषण प्रदान करता है |                                                       

अब हम जानेंगे कि ब्रेस्ट मिल्क ना  बनने का क्या कारण है ? कहा जाता है कि नवजात शिशु का जब जन्म होता है तब मां का दूध ही उसके लिए बेस्ट आहार है जो कि रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है व नवजात शिशु के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है लेकिन कुछ मांओं के लिए यह संभव नहीं हो पाता | शुरुआत में उनके ब्रेस्ट में कई कारणों से मिल्क नहीं आता या बहुत कम मात्रा में बनता है जिसके कुछ कारण हो सकते हैं                                                         

1, तनाव :- आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव सबसे बड़ा कारण है जो कि बीमारियों को जन्म देता है जैसे एंग्जाइटी , हार्ट प्रॉब्लम , डिप्रेशन आदि जिसकी वजह से महिलाओं में ब्रेस्ट में मिल्क कम बनता है |                                                                 

2, हार्मोन असंतुलन :- थायराइड ग्लैंड एक छोटी तितली के समान आकार में होती है जो कि छोटी होती है लेकिन यह हार्मोन के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होती है यदि थायराइड ग्लैंड में कोई समस्या है तो हार्मोन असंतुलन हो सकता है जिसके कारण ब्रेस्ट में मिल्क का उत्पादन काम हो जाता है या ब्रेस्ट में मिल्क नहीं बनता इसके अलावा एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन , ब्रेस्ट डेवलपमेंट , प्यूबर्टी और महिलाओं मेें फर्टिलिटी को बनाए रखने में मदद करता है | गर्भावस्था के दौरान दूध उत्पादन में प्रोलैक्टिन मदद करता है थॉइरॉइड ग्लैंड फंक्शन के दौरान इस हार्मोन की कमी के कारण यह ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन में प्रभाव डालता है | इसके अलावा खराब लाइफ़स्टाइल होने से भी ब्रेस्ट मिल्क उत्पादन नहीं होता जैसे उचित आहार का सेवन न करना | ड्रग्स व शराब का सेवन करना और तो और ज्यादा मात्रा में कैफीन लेना |                                                             

3, कई बार बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से भी शरीर का हार्मोन असंतुलित हो जाता है और इनके लंबे सेवन से स्वास्थ्य की समस्याएं पैदा होने लगती हैं कई बार महिलाएं बच्चे के जन्म के तुरंत बाद से ही इन गोलियों का सेवन करना शुरू कर देती है जिससे कि ब्रेस्ट में मिल्क उत्पादन नहीं हो पाता |                                           

4, अन्य दवाइयां और हर्ब से भी ब्रेस्ट में मिल्क उत्पादन नहीं हो पाता जैसे कि सेज, ओरिगैनो ,पार्स्ले , पुदीना आदि जोकि ब्रेस्ट मिल्क उत्पादन में रुकावट पैदा करता है |                                                                           

5, वायु प्रदूषण का बढ़ना, पानी और दूषित भोजन का सेवन भी ब्रेस्ट मिल्क उत्पादन को रोकता है  |                 

6, कभी कभार डिलीवरी के समय कई महिलाओं को कुछ समस्याओं से जूझना पड़ता है जैसे कि लेबर में परेशानी की वजह से बवासीर की समस्या ऐसे कई कारण हैं जिनसे डिलीवरी के समय मुश्किलें पैदा हो जाती हैं और उस दौरान होने वाले तनाव से भी ब्रेस्ट में मिल्क उत्पादन नहीं हो पाता | डिलीवरी के बाद होने वाली परेशानी में बवासीर के कारण हार्मोन का लेवल कम हो जाता है और ब्रेस्ट मिल्क नहीं बनता जिसे शीहान सिंड्रोम कहा जाता है| डिलीवरी के बाद यदि ब्रेस्ट में मिल्क का निर्माण ना हो रहा हो तो डॉक्टरी सलाह अवश्य लेना चाहिये साथ ही सही डाइट का होना भी जरूरी है साथ ही किसी भी प्रकार के तनाव या अवसाद से दूर रहें यदि ब्रेस्ट में मिल्क का उत्पादन ना हो रहा हो तो ऐसी स्थिति में बच्चे को फार्मूला मिल्क या डोनर मिल्क भी दे सकती हैं |                                                                                                                                         

धन्यवाद                                                                 

रिंकी पांडेय

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