"माँ ऐसी ही होती हैं "

"माँ ऐसी ही होती हैं "

"मुझे हो कोई तकलीफ तो आँखों से ही पढ़ लेती हैं,

वो मां ही हैं जो बिना कहे,सब कुछ समझ लेती हैं,
कोई शब्द नहीं तेरी ममता के लिए,
बिना शब्द ही तू मेरी हर बोली समझ लेती हैं।।

कैसे चुका पाऊँगी मैं तेरा मोल मेरी मां,
मैं तो बस तेरे चरणों की धूल हूँ मां,
मैं भले ही दूर रहूँ पर, तू अपनी हर दुआ में
मुझे शामिल कर लेती हैं मां..
तेरी इस ममता को ईश्वर भी समझ ना पाया
इसलिए ही उस ईश्वर ने,
तुझे ख़ुद से भी ऊपर पाया हैं मां।।

अपनी नींदो को छोड़कर
तू मेरे लिए जग जाती हैं,
मेरी एक छोटी सी ख़्वाहिश पर
तू ख़ुद बच्चा बन जाती हैं,
तेरी ममता का मोल मैं कभी चुका ना पाऊँगी,
मेरी हर एक सांस तक मैं तुझको ही नमन करती जाऊंगी"।।

प्रियंका दक्ष ✍️✍️

"मुझे हो कोई तकलीफ तो आँखों से ही पढ़ लेती हैं,
वो मां ही हैं जो बिना कहे,सब कुछ समझ लेती हैं,
कोई शब्द नहीं तेरी ममता के लिए,
बिना शब्द ही तू मेरी हर बोली समझ लेती हैं।।

कैसे चुका पाऊँगी मैं तेरा मोल मेरी मां,
मैं तो बस तेरे चरणों की धूल हूँ मां,
मैं भले ही दूर रहूँ पर, तू अपनी हर दुआ में
मुझे शामिल कर लेती हैं मां..
तेरी इस ममता को ईश्वर भी समझ ना पाया
इसलिए ही उस ईश्वर ने,
तुझे ख़ुद से भी ऊपर पाया हैं मां।।

अपनी नींदो को छोड़कर
तू मेरे लिए जग जाती हैं,
मेरी एक छोटी सी ख़्वाहिश पर
तू ख़ुद बच्चा बन जाती हैं,
तेरी ममता का मोल मैं कभी चुका ना पाऊँगी,
मेरी हर एक सांस तक मैं तुझको ही नमन करती जाऊंगी"।।

प्रियंका दक्ष ✍️✍️

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0