मैं भी हूँ नैना मैडम

मैं भी हूँ नैना मैडम

एक ऐसी अध्यापिका की कहानी जिसने अपने कमजो़र विद्यार्थियों का हाथ कभी नही छोडा़। क्योकि मैं एक अध्यापिका हूँ इसलियें मैं रानी मुखर्जी द्वारा निभायें गये इस किरदार में काफी हद तक फिट होती हूँ। 


हिचकी मूवी- पता नही कितनी बार देखी होगी मैंने यह मूवी। मेरे दिल के बहुत करीब है ये मूवी। इसमें रानी मुखर्जी ने एक टीचर का किरदार निभाया है, नाम है - नैना माथुर। नैना का बचपन से ही सपना था टीचर बनने का और आखिरकार एक दिन उसका यह टीचर बनने का सपना सच भी होता है । उसे एक ऐसी क्लास पढा़ने के लिये दी जाती है, जिसमें गरीब घर के बच्चें पढ़ते थे। बहुत ज्यादा सुविधाएं नही थी उनके पास। सुबह स्कूल आते थे और बाकी के समय अपने माँ-बाप की उनके काम में मदद करते। लेकिन उनके माँ-बाप नही चाहते थे कि उनके बच्चें उनकी तरह बनें। माँ-बाप की आँखो में तो अपने बच्चो के भविष्य को लेकर सुनहरे सपने थे और उन सपनो को साकार करने में मदद की नैना मैम ने।


जिस स्कूल में मैं पढा़ती हूँ, वह एक ट्रस्टी स्कूल है और यहाँ पर अधिकतर गरीब घर के बच्चे पढ़ने के लिये आते हैं। मेरी तरफ से हमेशा यही कोशिश रही है कि मैं इनके माँ-बाप की आँखों में पल रहे सपनो को साकार करने में उनकी मदद करूं।


मैं उन्हे केवल किताबो के पाठ ही नही बल्कि जीवन के पाठ पढा़नें की भी कोशिश करती हूँ और यकीन मानिये मेरी यह कोशिश रंग भी ला रही हैं। जब इन बच्चो के माँ-बाप मेरे सामने आकर अपनी आँखों में खुशी के आँसू लेकर कहते हैं- मैडम हमारे बच्चे को आपने क्या से क्या बना दिया। धन्यवाद मैडम। उस पल उनके साथ-2 मेरी आँखों में भी खुशी के आँसूं होते हैं।


दोस्तो बच्चे हमारें देश का आने वाला भविष्य हैं और इस भविष्य को सुनहरा बनाने में कुछ योगदान अपना भी करें।


#मैंहूँ

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